परीक्षा आयोजन में अनुचित साधनों के उपयोग पर अंकुश लगाने में बड़ी चुनौतियों

अजमेर 08 मार्च। राजस्थान माध्यमिक षिक्षा बोर्ड के प्रशासक और संभागीय आयुक्त श्री भंवरलाल मेहरा ने कहा है कि परीक्षा आयोजन करने वाली संस्थानों को तकनीक के उन्नत होने के कारण परीक्षा आयोजन और अनुचित साधनों के उपयोग पर अंकुश लगाने में बड़ी चुनौतियों को सामना करना पड़ रहा है। परीक्षा लेने वाली एजेन्सियों के समक्ष मोबाइल का दुरूपयोग घातक शस्त्र के रूप में परेशानियां पैदा कर रहा है। शिक्षक अपनी कर्मशीलता, निष्ठा और सजगता से इन चुनौतियों को धराशायी कर सकते है।
श्री मेहरा बुधवार को बोर्ड संभागार में बोर्ड परीक्षा 2023 के लिए गठित विशेष उड़नदस्तों के संयोजकों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होनें कहा कि लोक सेवक जिस पद को धारित करता है तो उसकी भूमिका और कार्यशैली उसके अनुरूप होनी चाहिए। विशेष उड़नदस्ते फील्ड में अर्थात् पूरे राज्य में बोर्ड की आंख,नाक और कान के रूप में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि परीक्षा कार्यों से जुडे़ हर शिक्षक का दायित्व है कि राजस्थान शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं की राष्ट्रीय स्तर पर जो ख्याति और विश्वसनीयता कई दशकों से है, को बनाये में अपनी महत्ती भूमिका अदा करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में राज्य सरकार ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिये है कि परीक्षा कार्य में कोताही बरतने वालो के विरूद्ध सेवा से बर्खास्त करने की कार्यवाही को अमल में लाया जाये।
उन्होंने संयोजकों से कहा कि उड़नदस्ते जिले के अंदरूनी और दूर-दराज के हिस्सों में स्थित परीक्षा केन्द्रों का विशेष रूप से निरीक्षण करें। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केन्द्रों का सघन और सतत् निरीक्षण किया जायें। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा इस वर्ष 50 विशेष उड़नदस्ते गठित किये जा रहे हैं, जिसमें 02 महिला उड़नदस्ते भी है। प्रत्येक जिले में न्यूनतम एक विशेष उड़नदस्ता गठित किया गया है और संवेदनशील और बड़े जिलों में दो से अधिक विशेष उड़नदस्ते गठित किये गये हैं। यह उड़नदस्ते शिक्षा उपनिदेशक और जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा गठित उड़नदस्तों के अतिरिक्त होंगे। उन्होंने उड़नदस्तों को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन चार-पांच परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण करें। उड़नदस्ते द्वारा प्रतिदिन परीक्षा प्रारम्भ होने से 45 मिनट पूर्व एक परीक्षा केन्द्र पर प्रश्न-पत्र खोलने, वितरण व अन्य व्यवस्थाओं आदि का निरीक्षण किया जाये।
बोर्ड की सचिव श्रीमती मेघना चौधरी ने कहा कि उड़नदस्तों का दायित्व है कि वे अपने क्षेत्रों के प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित करें। किसी भी परीक्षा केन्द्र पर पहुंचने से पूर्व परीक्षा केन्द्र के बाहर का सूक्ष्म निरीक्षण कर यह भी देखें की बाहरी तत्वों का परीक्षा केन्द्र के अन्दर दखल न हो। परीक्षा उड़नदस्ते के सदस्य परीक्षा केन्द्र के निरीक्षण के दौरान बैठक व्यवस्था के निर्धारित मापदण्डों की पालना, फर्नीचर और लाईट व्यवस्था पर भी अपना ध्यान केन्द्रित करें ताकि स्कूली विद्यार्थिंयों को परीक्षा देने में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि उड़नदस्तें परीक्षा केन्द्रों पर लगाये गये सी.सी.टी.वी. कैमरा और विडियोग्राफी व्यवस्था के निर्धारित मानकों की भी जांच करे।
उन्होंने कहा कि राजस्थान बोर्ड प्रश्न पत्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की 09 मार्च से प्रारम्भ होने वाली सीनियर सैकण्डरी परीक्षाओं में 15 मार्च तक आयोजित विभिन्न विषयों की परीक्षार्थियों की संख्या काफी न्यून है। अतः फील्ड में जिला शिक्षा अधिकारियों के उडनदस्ते ही निरीक्षण करेंगे। 16 मार्च से आयोजित बड़ी परीक्षाओं में लगभग 200 उडनदस्तें प्रदेश के परीक्षा केन्द्रों का सघन निरीक्षण करेंगे।
उप निदेषक (जनसम्पर्क)

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