जिनशासन तीर्थ नाका मदार मैं प्रवचन देते हुए मुनि श्री संकल्प सागर जी महाराज ने कहा की जिनशासन के महत्व को समझें जीवन जिनशासन परंपरा से ही शुरू होता है आस्था एवं विनय धर्म के प्रति होना आवश्यक है जिस संस्कृति में हम लोग सभी आज अपना जीवन जी रहे हैं वह सब जिन शासन की देन है हमें उस जीवन को अध्यात्म से जोड़ देना है और जिनेंद्र देव की प्राप्ति करनी है
मुनि श्री सद्भाव सागर जी महाराज ने कहा कई भव निकल गए और भी निकल जाएंगे नाता अगर जोड़ना है तो धर्म से जोड़ लो नहीं तो आना बेकार हो जाएगा
श्री 1008 शांतिनाथ भगवान को सामूहिक रूप से श्रीफल अर्पित किया गया और अजमेर की पावन धरा पर होने जा रहे हैं चतुर्मास के लिए सफलता की कामना की गई
श्री दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा जागृति मंच के अध्यक्ष सुनील जैन होकरा ने बताया कि प्रातकाल 6:00 बजे मुनि श्री संकल्प सागर जी महाराज एवं सद्भाव सागर जी महाराज ने बिरला सिटी वाटर पार्क से मंगल विहार किया और 8:30 जिनशासन तीर्थ नाका मदार पहुंचे वहां पर मंदिर कमेटी द्वारा पाद प्रक्षालन किया गया
कार्यक्रम में जैसवाल जैन समाज के अध्यक्ष सुनील ढिलवारी जिनशासन तीर्थ के अध्यक्ष वीरेंद्र बाड़मेर सहित देवेंद्र पाटनी रोहित काला माणक बड़जात्या महावीर अजमेरा अशोक अजमेरा मनीष पाटनी सुबोध बड़जात्या आदि उपस्थित थे
अध्यक्ष सुनील जैन होकरा ने बताया कि मुनि श्री संकल्प सागर जी महाराज एवं मुनि श्री सद्भाव सागर जी महाराज 20 जून को प्रात काल जिनशासन तीर्थ नाका मदार से पाल बिचला मंदिर के लिए विहार करेंगे आहार चर्या वही संपन्न होगी