देवनानी ने विधानसभा में उठाया युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज का मुद्दा

देवनानी ने कहा की राज्य सरकार ने अपने स्वार्थ के चलते संवैधानिक संस्था आरपीएससी में भ्रष्टाचार की जड़े इतनी गहरी कर दी है की अब तत्काल प्रभाव से आरपीएससी को भंग कर यूपीएससी की तर्ज पर उसका पुनर्गठन करने की जरूरत है। देवनानी ने कहा की बाबू लाल कटारा ने स्वीकार किया है की 1.5 करोड़ देकर सदस्य बना हु। वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में आयोग का एक सदस्य बाबूलाल कटारा पहले ही पेपर लीक कराने की एवज में डेढ़ करोड़ रुपए लेकर जेल में है और हाल ही में ईओ परीक्षा में ओएमआर शीट में नंबर बदलकर पास कराने की एवज में 18 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया पूर्व राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त गोपाल केसावत ने 25- 25 लाख रुपए आयोग की दो महिला सदस्यों के नाम पर पास करवाने का जिम्मा लिया था। इससे पहले आरएएस परीक्षा में नंबर बढ़ाकर पास कराने की एवज में रिश्वत मामले में आयोग की एक सदस्य के पति का भी नाम सामने आया था। ऐसे में जब अध्यक्ष को छोड़कर आयोग में सदस्य ही कुल 4 और तीन के पद रिक्त चल रहे है तो सरकार इसे भंग कर यूपीएससी की तर्ज पर वापस से गठन करे जिसमे सदस्यों की नियुक्ति के मापदंड तय हो। देवनानी ने कहा की मुख्यमंत्री गहलोत ने आरपीएससी में भ्रष्ट आचरण वाले सदस्य नियुक्त किए है जिससे आयोग की साख को बट्टा लगा है। साथ ही जारोली की नियुक्ति भी गहलोत ने ही की थी।