महिन्द्रा युनिवर्सिटी ने तीसरा दीक्षांत समारोह किया, 751 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की

हैदराबाद, अगस्त, 2024-महिन्द्रा युनिवर्सिटी ने आज अपने परिसर में अपने तीसरे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जिसमें 751 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह के दौरान, असाधारण अकादमिक उत्कृष्टता और अनुसंधान उपलब्धियां प्रदर्शित करने एवं समुदाय में योगदान करने वाले विद्यार्थियों को मेडल से सम्मानित किया गया। इस वर्ष का दीक्षांत समारोह, एक्जीक्यूटिव एमबीए प्रोग्राम के विद्यार्थियों के लिए पहला दीक्षांत समारोह है।

आयोजन की अध्यक्षता महिन्द्रा युनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री आनंद महिन्द्रा ने की और तेलंगाना सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री दामोदर राजानरसिम्हा मुख्य अतिथि थे, जबकि अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइस की प्रवर्तक निदेशक और अपोलो हेल्थ एंड अपोलो फार्मासीज़ की कार्यकारी चेयरपर्सन श्रीमती शोभना कामिनेनि विशिष्ट अतिथि थीं। महिन्द्रा युनिवर्सिटी के प्रबंधन बोर्ड के सदस्य श्री सीपी गुरनानी, महिन्द्रा युनिवर्सिटी के प्रबंधन बोर्ड के सदस्य मोहित जोशी और प्रबंधन बोर्ड की सदस्य सुश्री अनुजा महिन्द्रा भी उपस्थित थीं। श्री राजानरसिम्हा और श्रीमती कामिनेनि ने महिन्द्रा युनिवर्सिटी में स्टूडेंट रेसिडेंट हॉल का उद्घाटन किया।

महिन्द्रा युनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए तेलंगाना सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण, विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री श्री दामोदर राजानरसिम्हा ने कहा, “21वीं शताब्दी परिवर्तन से संचालित है और टेक्नोलॉजी इस दुनिया को एक सूत्र में बांध रही है। इस दुनिया में हासिल करने के लिए असीमित ज्ञान है और समझदारी के साथ निर्णय में इससे मदद मिलती है। इस तेजी से बदलती दुनिया में संस्कृति, शिक्षा और मूल्य व्यक्ति को दूसरों से अलग करते हैं। महिन्द्रा युनिवर्सिटी ऐसे गतिशील विद्यार्थियों का पोषण कर रही है जो जोखिल उठाने के इच्छुक हैं और उत्कृष्टता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”

अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइस की प्रवर्तक निदेशक और अपोलो हेल्थ एंड अपोलो फार्मेसीज की कार्यकारी चेयरपर्सन श्रीमती शोभना कामिनेनि ने कहा, “युवाओं को आज की डिजिटल दुनिया में गहन चिंतन पर केंद्रित होना चाहिए। सही नेतृत्व और बेहतर अनुसंधान में महिन्द्रा युनिवर्सिटी का निवेश, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर इसकी शानदार प्रतिष्ठा में एक प्रमुख कारक है। मेरा मानना है कि इस उद्योग में गहरी जड़े जमाए शैक्षणिक संस्थान तीन उद्देश्यों को पूरा करते हैं जिनमें प्रासंगिक नौकरियां उपलब्ध कराना, प्रशिक्षण देना एवं लंबे समय तक पेशेवर कौशल के लिए कौशल विकास और अत्याधुनिक अनुसंधान एवं रीयल टाइन लर्निंग के लिए पहुंच सुगम बनाना शामिल है।”

महिन्द्रा युनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री आनंद महिन्द्रा ने उत्कृष्ट विश्वविद्यालयों के लिए एक सादृश्य के रूप में मधुमक्खी के छत्ते का उदाहरण देते हुए कहा कि मधुमक्खी के छत्ते गतिविधियों का केंद्र होते हैं, लेकिन साथ ही इनमें वजह और मजबूती के बीच एक बढ़िया संतुलन भी होता है। इसी प्रकार से, उच्च गुणवत्ता के विश्वविद्यालय विभिन्न उद्देश्यों और परिणामों के बीच एक संतुलन रखते हैं।

महिन्द्रा ने कहा, “महिन्द्रा युनिवर्सिटी को इसके शुरुआती वर्षों में इस तरह की अविरल चाल से बढ़ते देख मुझे खुशी हो रही है। इस युनिवर्सिटी का लक्ष्य ना केवल तकनीकी क्षेत्रों में सीखने का एक केंद्र बनना है, बल्कि यह व्यापक विचारक तैयार करने में भी मदद करता है जो टेक्नोलॉजी और मानविकी के बीच संबंधों को समझते हैं और एप्लीकेशन एवं थ्योरी दोनों के संदर्भ में बात करते हैं। एक आधुनिक भारतीय विश्वविद्यालय की भूमिका बहुआयामी है जो ना केवल तकनीकी विशेषज्ञों की पीढ़ियां तैयार करने में मदद करता है, बल्कि ऐसे लोग भी तैयार करता है जो नए ज्ञान के लिए प्रयासरत हैं और मानवता के क्षितिज को व्यापक करने की दिशा में काम करते हैं। एक महान विश्वविद्यालय के पास सभी लोगों के लिए वे सभी चीज़ें होना आवश्यक है ताकि प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को पूरी तरह से निखार सके। ये विद्यार्थी हमारे देश और दुनिया के भविष्य को आकार देने में मदद करेंगे।”

महिन्द्रा युनिवर्सिटी के कुलपति डाक्टर यजुलु मेदुरी ने कहा, “हमारे लिए महिन्द्रा युनिवर्सिटी के विद्यार्थी कल के नेता हैं, नई पीढ़ी के उद्यमी हैं और 21वीं शताब्दी के नवप्रवर्तक हैं। हमने तेज़ी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उद्योग के लिए तेलंगाना के युवाओं को आवश्यक कौशल से युक्त करने के भी कार्यक्रम शुरू किए हैं। यह युनिवर्सिटी डिजिटल क्षेत्र पर केंद्रित डिजाइन में अध्ययन कार्यक्रम के साथ स्कूल ऑफ डिजाइन इन्नोवेशन में अब अकादमिक परिचालन शुरू कर रही है और स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट, होटल, कार्यक्रम आयोजन, आराम और रेस्तरां प्रबंधन के क्षेत्र में विशेषज्ञता पर केंद्रित है।”

महिन्द्रा युनिवर्सिटी के प्रबंधन बोर्ड के सदस्य श्री मोहित जोशी ने कहा, “उत्सुकता, बेहतर करने की भूख और दया भाव के साथ दूसरों की मदद करने की क्षमता, ये सभी सफलता के आधार हैं और महिन्द्रा युनिवर्सिटी के विद्यार्थियों में गहराई से व्याप्त हैं। इस साल का आयोजन, शिक्षा को नए सिरे परिभाषित करने और ऐसे व्यक्ति तैयार करने जो अपने ज्ञान और कौशल से इस दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकें, इसको लेकर इस संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।”

दीक्षांत समारोह के दौरान, महिन्द्रा युनिवर्सिटी के सर्वाधिक सम्मानित विचारशील नेताओं में से रहे एक श्री विनीत नैयर को मरणोपरांत ऑनोरिस कॉसा डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। नैय्यर के परिवार की ओर से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करते हुए श्री गुरनानी ने उनकी विनम्रता और महिन्द्रा युनिवर्सिटी के लिए उनके विज़न को रेखांकित किया।

एक अगस्त को श्री आनंद महिन्द्रा, श्री सीपी गुरनानी और डाक्टर यजुलु मेदुरी द्वारा विनीत नैय्यर एकैडमिक ब्लॉक का उद्घाटन किया गया।

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