भारत और फ्रांस मजबूत साझेदार, मिलकर आंतकवाद से लड़ेंगे- देवनानी

विधानसभा अध्यक्ष की फ्रांस यात्रा

श्री देवनानी ने किया फ्रांस की नेशनल असेंबली का अवलोकन

नेशनल असेंबली में रक्षा समिति के सदस्य श्री थिएरी टेसन से हुई सौहार्दपूर्ण भेंट

     अजमेर, 19 जून। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि भारत-फ्रांस के मजबूत रिश्ते आने वाले समय में दोनों देशों के सामूहिक विकास और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक जनमत की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान हुए दस एमओयू में भी इसी प्रतिबद्धता को दोहराया गया है। इन एमओयू में डिजिटल साइंस, ए.आई. परमाणु परीक्षण, पर्यावरण स्टार्टअप, छोटे मोड्यूल रिएक्टर और सांस्कृतिक सहयोग शामिल है।

     राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने फ्रांस-जर्मनी दौरे के दौरान बुधवार को पेरिस स्थित फ्रेंच नेशनल असेंबली में नॉर्ड के 17वें निर्वाचन क्षेत्र से उप-प्रतिनिधि एवं भारत-फ्रांस मैत्री समूह के अध्यक्ष, संसद में रक्षा समिति के सदस्य, रक्षा उद्योगों के अध्ययन समूह के सचिव व इलेक्ट्रॉनिक युद्ध पर तथ्य-खोज मिशन के सह-संवाददाता श्री थिएरी टेसन से शिष्टाचार मुलाकात में यह बात कही। उन्होंने नेशनल असेंबली का अवलोकन भी किया।

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी की यह मुलाकात द्विपक्षीय संसदीय संवाद, सांस्कृतिक सहयोग, और लोकतांत्रिक मूल्यों के आदान-प्रदान को सुदृढ़ करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रही। दोनों प्रतिनिधियों के बीच भारत एवं फ्रांस के मध्य ऎतिहासिक संबंधों, साझा लोकतांत्रिक विरासत तथा वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में संसदीय सहभागिता के विविध आयामों पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर श्री देवनानी ने कहा कि भारत और फ्रांस ने 1998 में अपनी रणनीतिक साझेदारी की। इसमें रक्षा, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद का विरोध शामिल है। भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय व्यापार बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही नियमित सैन्य अभ्यास और इंजीनियर सेक्टर में सहयोग बढ़ा है। श्री देवनानी ने कहा कि फ्रांस में एक लाख 20 हजार से ज्यादा भारतीय मूल के लोग रह रहे है। इनमें हजारों की संख्या में विद्यार्थी भी शामिल है। यह इस बात को दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षिक साझेदारी कितनी महत्वपूर्ण है।

श्री देवनानी ने नेशनल असेंबली का अवलोकन करने के दौरान भारत में लोकतंत्र की सुदृढ़ व्यवस्था, राज्य विधानसभाओं की भूमिका, और राजस्थान विधानसभा की कार्यशैली एवं नवाचारों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राजस्थान विधानसभा ने पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार एवं जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक पहलें की गई हैं।

श्री थिएरी टेसन ने भारत के प्रति अपनी गहरी आत्मीयता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत और फ्रांस दोनों वैश्विक मंचों पर साझेदारी के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने श्री देवनानी के साथ भारत-फ्रांस संसदीय संबंधों को नई ऊंचाई देने हेतु सतत संवाद एवं सहयोग की इच्छा भी प्रकट की।

यह भेंट दोनों देशों की लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच पारस्परिक विश्वास, समझ और सहयोग को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। श्री वासुदेव देवनानी की यह पहल न केवल राजस्थान विधानसभा बल्कि सम्पूर्ण भारतीय संसदीय प्रणाली की वैश्विक उपस्थिति को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

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