क्लियरट्रिप अनपैक्ड 2025 में पता चला कि भारत ने कैसे उड़ान भरी, कहां रुके और कैसे छुट्टी प्लान की

बेंगलुरुदिसंबर 2025: क्लियरट्रिप, एक फ्लिपकार्ट कंपनी और भारत का सबसे तेजी से बढ़ता ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म, ने आज क्लियरट्रिप अनपैक्ड जारी किया। यह 2025 में ‘भारत के लोगों ने कैसे उड़ान भरी, वे कहां रुके और उन्‍होंने छुट्टी के लिए क्‍या सर्च किया’ का रिकैप है। साल का फ्लेवर रहा ‘जेन ज़ी ट्रैवलर्स’ की संख्‍या में कई गुना की बढ़ोतरी, और ‘वैल्यू एंड अफोर्डेबिलिटी’ शानदार पेशकश रही, जिसने लाखों भारतीयों से जुड़ाव बनाया।

  1. साल का फ्लेवर: अफोर्डेबिलिटी,वैल्यू और जेन ज़ी!
  • UPI पेमेंट्स की आसानी और कई बैंकों के साथ साझेदारी की वजह से UPI ट्रांजेक्शन्स में ~6% की बढ़ोतरी हुई, और क्रेडिट कार्ड पेमेंट्स में 8% की बढ़ोतरी देखने को मिली।
  • क्लियरट्रिप पर 65% से ज्यादा बुकिंग्स बजट और मिड-रेंज होटलों के लिए हुईं।
  • सभी बुकिंग्स में से 65% क्लियरट्रिप के मोबाइल ऐप पर फोन से बुक की गईं।
  • जेन ज़ी ट्रैवलर्स 2025 में 650% बढ़े! उन्होंने इस साल कई जगहों पर सिर्फ वाइब किया। सबसे ‘बसिन’ (कमाल के) रहे दुबई, कुआलालंपुर और बैंकॉक – #GenZApproved!
  1. भारत ने कैसे यात्रा की,एक झलक
  • वियतनाम 2025 का सबसे नया और हिट इंटरनेशनल डेस्टिनेशन बना, जहां ट्रैफिक में 133% का उछाल आया
  • इंटरनेशनल ट्रिप्स में लोगों का भरोसा बढ़ाने का बड़ा कारण रहा क्लियरट्रिप का वीजा रिजेक्शन कवर।
  • वाराणसी और अंडमान द्वीपों की तरफ ट्रैफिक औसतन 20% बढ़ा।
  • उत्तर प्रदेश 2025 का सबसे ज्यादा घूमा जाने वाला राज्य रहा। प्रयागराज (3 गुना) और बरेली (4 गुना) के लिए स्टे सर्चेस में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई।
  • दिल्ली और बेंगलुरु इस साल के टॉप दो सोलो ट्रैवल डेस्टिनेशन बने — दिल्ली से हिमाचल प्रदेश, जयपुर और आगरा की तरफ सबसे ज्यादा मूवमेंट हुआ। इसी तरह, बेंगलुरु से कूर्ग, ऊटी और कोडाइकनाल — लीजर, आईटी/टेक पार्क्स? या दोनों!
  • फुकेट, कुआलालंपुर और बैंकॉक 2025 के सबसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन बने।
  • 2025 में छोटे-छोटे ट्रेंड्स उभरे:

○      जब ट्रैवलर्स ने काम से ज्यादा शांति को चुना, तो वे ऋषिकेश, कूर्ग और एल्लेपी में ‘कैल्मकेशन’ करने गए।

○      वर्कहॉलिक्स या रिमोट वर्किंग? गोवा, पॉन्डिचेरी और दार्जिलिंग टॉप ‘वर्केशन’ स्पॉट्स बने।

○      स्पीति, अंडमान और लद्दाख ‘डिजिटल डिटॉक्स’ के लिए टॉप चॉइस बने।

○      पूरे भारत के ‘एडवेंचर जंकीज़’ ने इस साल बीर बिलिंग, लक्षद्वीप और औली की तरफ रुख किया।

अजीबो-गरीबबेकाबू ट्रैवलर्स और उनके साथ चलने वाले हंगामे

  • किसी ने कर्नाटक के चिक्कमगलुरु में 361 दिन पहले ही स्टे बुक कर लिया। किसी दूसरे ने गोवा के रिबंदर में 350 दिन पहले बुकिंग की।
  • 3 लाख लोगों ने रात 3 से 4 बजे के बीच टिकट बुक कीं। ये इतने लोग हैं कि दुनिया के सबसे बड़े कमर्शियल प्लेन एयरबस A380 को 353 बार भर सकते हैं!
  • बेंगलुरु में एक ट्रैवलर ने एक ही जगह 30 दिन लगातार रुके। कोलकाता में किसी ने 29 दिन लगातार स्टे किया।
  • क्लियरट्रिप पर सबसे सस्ती फ्लाइट की कीमत 0 रुपये रही (ऑफर्स और वॉलेट क्रेडिट से पूरी तरह रिडीम)। सबसे सस्ता स्टे 48 रुपये का था। ये लोग अब केस स्टडी बन चुके हैं!
  • एक ट्रैवलर ने दिल्ली-गुवाहाटी फ्लाइट पर 2,40,000 रुपये खर्च किए, और किसी ने पेरिस-मुंबई फ्लाइट पर 4,43,000 रुपये उड़ा दिए।
  • इस साल की सबसे महंगी होटल बुकिंग मालदीव में 4,41,000 रुपये की हुई। लगता है कोई भूला हुआ एनिवर्सरी केस है…
  • किसी ने गाजियाबाद-बेंगलुरु फ्लाइट पर सिर्फ एक्स्ट्रा बैगेज पर 65,000 रुपये खर्च किए।
  • 38 लाख फ्लाइट बुकिंग्स डिपार्चर से 48 घंटे पहले हुईं, जो दिखाता है कि भारत में आखिरी मिनट की इंपल्सिव ट्रैवल को अपनाने की आदत बढ़ रही है।

 

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