नया आरंभ, नया संकल्प (नववर्ष 2026 विशेष कविता)

नया साल है-
न कोई अंत,
बल्कि एक नया आरंभ है।

बीते कल की परछाइयों से
सीख की मशाल जलाकर,
आज हम खड़े हैं उस मोड़ पर
जहाँ भविष्य हमारी प्रतीक्षा कर रहा है।

जो बीत गया-वह अनुभव था,
जो मिला-वह सबक था।
हर ठोकर ने सिखाया हमें
कैसे मजबूती से खड़ा रहा जाता है।

आज का दिन कहता है-
लक्ष्य तय करो!
क्योंकि जिनके पास दिशा होती है,
उन्हीं के कदम इतिहास बनाते हैं।

जीवन की शुरुआत में हो या
नववर्ष की पहली सुबह में-
जो लक्ष्य बनाता है,
वही शिखर तक पहुँचता है।

हर दिन एक संकल्प,
हर कर्म में सच्चाई,
निरंतर प्रयास की शक्ति से
लिखी जाती है सफलता की कहानी।

तो आओ-
इस नए वर्ष में
सत्कर्मों को अपना हथियार बनाएं,
और अपने श्रम से
अपने जीवन को उसके चरम तक पहुँचाएँ।

नया साल मुबारक हो।

रचियता/लेखक
-डॉ0 ब्रह्मानंद राजपूत

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