अजमेर । महावीर सेवा परिषद द्वारा विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर रेडियो के महत्व को समझाया गया । आज भले ही एफएम रेडियो और मोबाइल का दौर हो, लेकिन एक समय था जब रेडियो ही सूचना और मनोरंजन का सबसे बड़ा माध्यम था। ट्रांजिस्टर, लकड़ी के बड़े रेडियो, पॉकेट रेडियो घरों की शान हुआ करते थे।
परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र गांधी एवं महासचिव कमल गंगवाल ने बताया कि रेडियो के महत्व को आज की पीढ़ी के लिए सहेजकर रखना मुश्किल है।इसकी जगह मोबाइल ने ले ली।एक समय रेडियो सुनने के लिए आकाशवाणी से लाइसेंस लेना पड़ता था।अब यह रेडियो का चलन लगभग खत्म हो चुका है,लेकिन उनकी यादों का यह अनमोल खजाना सुरक्षित है। इस अवसर पर नया बाजार स्थित राजकीय संग्रहालय के बाहर पर्यटकों को,आमजन को रेडियो की इस विरासत से अवगत कराया गया।
इस दौरान राजेंद्र गांधी, महासचिव कमल गंगवाल, संजय जैन,विजय पांड्या, प्रहलाद माथुर,देवर्ष गंगवाल सहित अन्य मौजूद थे ।
भवदीय
राजेंद्र गांधी