भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन से सरस डेयरियों पर गैस संकट

अजमेर डेयरी को अब केवल 80% PNG गैस, समाधान के लिए उच्चस्तरीय प्रयास तेज””
अजमेर।
भारत सरकार के हाल ही में जारी गजट नोटिफिकेशन के बाद देशभर की सरस डेयरियों के सामने गैस आपूर्ति को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है। इसी क्रम में अजमेर सरस डेयरी को अब आगामी छह माह तक पूर्व में प्राप्त गैस आपूर्ति का केवल 80 प्रतिशत ही मिलने की स्थिति बन गई है। इस महत्वपूर्ण विषय पर आज अजमेर दुग्ध संघ कार्यालय में विस्तृत बैठक आयोजित हुई, जिसमें अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी, प्रबन्ध संचालक रामलाल चौधरी तथा इन्द्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के वरिष्ठ अधिकारियों ने गहन चर्चा की।
बैठक में इन्द्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (Indraprastha Gas Limited) के उपाध्यक्ष (प्रमुख – अजमेर, पाली एवं राजसमंद जीए) हेमन्त सिंह, जनरल मैनेजर मार्केटिंग राजस्थान अनादी मिश्रा तथा राहुल जैन उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान हेमन्त सिंह ने बताया कि भारत सरकार का गजट नोटिफिकेशन 11 मार्च 2026 को प्राप्त हुआ है, जिसके अनुसार अजमेर सरस डेयरी को सितंबर 2025 से फरवरी 2026 तक छह माह की औसत गैस आपूर्ति का केवल 80 प्रतिशत हिस्सा ही आगामी छह माह तक उपलब्ध कराया जाएगा। इससे डेयरी संचालन और दूध प्रोसेसिंग पर असर पड़ने की आशंका है।
इस पर अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने अधिकारियों को अवगत कराया कि कोरोना काल जैसे कठिन समय में भी दूध व्यवसाय को ESMA (Essential Services Maintenance Act) के तहत आवश्यक सेवाओं में माना गया था और उस समय डेयरियों को शत-प्रतिशत गैस आपूर्ति दी गई थी। उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन और आपूर्ति आम जनता से सीधे जुड़ी हुई आवश्यक सेवा है, इसलिए डेयरियों को भी पूर्ण गैस आपूर्ति मिलनी चाहिए।IGL के उपाध्यक्ष हेमन्त सिंह ने बताया कि इस विषय में कंपनी के राष्ट्रीय कार्यालय तथा संबंधित केंद्रीय मंत्रालय स्तर पर लगातार वार्ता चल रही है। साथ ही अमूल और सरस जैसी डेयरियों को शत-प्रतिशत गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग को लिखित अनुरोध भी भेजा गया है और इसके सकारात्मक परिणाम आने की संभावना जताई गई है।
बैठक के दौरान अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने आर.सी.डी.एफ. (राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन), जयपुर की प्रबन्ध संचालक श्रुति भारद्वाज से दूरभाष पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार तथा मुख्यमंत्री स्तर पर भारत सरकार से लगातार सम्पर्क किया जा रहा है और डेयरियों को राहत दिलाने के प्रयास जारी हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि अजमेर डेयरी से प्रदेश के उपभोक्ताओं तक नियमित दूध आपूर्ति के साथ-साथ राज्य सरकार की मिड-डे-मील योजना के अंतर्गत विद्यालयों में लगभग 30 हजार मीट्रिक टन दूध पाउडर की आपूर्ति की जा रही है, जो शिक्षा विभाग के माध्यम से संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में डेयरी की गैस आपूर्ति प्रभावित होना सार्वजनिक सेवाओं को भी प्रभावित कर सकता है।
अजमेर दुग्ध संघ के प्रवन्ध संचालक रामलाल चौधरी ने बताया कि वर्तमान में आरसीडीएफ के CMD द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें इस समस्या को प्रमुखता से रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि गैस आपूर्ति में कमी बनी रहती है तो अजमेर डेयरी को अन्य 10 जिलों से आने वाले दूध का प्रोसेसिंग कार्य प्रभावित हो सकता है।
ऐसी स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL), Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL), Indian Oil Corporation Limited (IOCL) द्वारा Light Diesel Oil (LDO) के माध्यम से ईंधन उपलब्ध कराने की मांग भी रखी जाएगी, ताकि दूध प्रोसेसिंग और उपभोक्ताओं को आपूर्ति प्रभावित न हो।
इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बैठक को 13 मार्च कल दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। तब तक आरसीडीएफ, राज्य सरकार और भारत सरकार से समाधान निकलने तथा डेयरियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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