कल होगा नवसंवत्सर की पूर्व संध्या पर भव्य दीपदान एवं नववर्ष मेला

हजारों दीपों के साथ होगा हिन्दू नववर्ष का स्वागत*
ब्यावर। भारतीय *नववर्ष विक्रम संवत 2083 की पूर्व संध्या* पर शहर में एक बार फिर आस्था, संस्कृति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। नवसंवत्सर की पूर्व संध्या *18 मार्च 2026, बुधवार को सुभाष उद्यान स्थित तालाब की पाल* पर *सांय 06 बजे से* भव्य *दीपदान कार्यक्रम एवं नववर्ष मेला* आयोजित होगा, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं नगरवासी सहभागिता करेंगे। आयोजन को लेकर शहरभर में उत्साह का माहौल है और तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
आयोजन समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह *कार्यक्रम पिछले लगभग 21 वर्षों से निरंतर* आयोजित हो रहा है, जिसकी शुरुआत मात्र चार व्यक्तियों द्वारा संत प्रेरणा से की गई थी। आज यह आयोजन एक विशाल जनआस्था का रूप ले चुका है, जिसमें *10,000 से अधिक लोग एकत्र होकर दीपदान* करते हैं। मान्यता है कि *नववर्ष की पूर्व संध्या पर जल में दीपदान करने से कष्ट दूर होते हैं और नगर में सुख-समृद्धि का वास* होता है। इस दौरान *आटे के दीपक पत्तों पर रखकर जल में* प्रवाहित किए जाते हैं, जो पर्यावरण के अनुकूल भी है।
कार्यक्रम के अंतर्गत इस वर्ष भी विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। संध्या समय भव्य *दीपदान कार्यक्रम* की शुरुआत होगा, जहां तालाब में हजारों दीप प्रज्वलित कर अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा। *बालाजी मंदिर में भव्य महाआरती* आयोजित होगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
इसके साथ ही आयोजन स्थल पर *नववर्ष मेला* भी लगेगा, जिसमें विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी। बच्चों एवं युवाओं के लिए विशेष आकर्षण के रूप में *ईश्वर एवं महापुरुषों की वेशभूषा प्रतियोगिता* आयोजित की जाएगी, इसके अतिरिक्त *दीपक सजाओ प्रतियोगिता* भी रखी गई है, जिसमें रचनात्मकता और परंपरा का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। *प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।*
कार्यक्रम के दौरान *श्रीफल वितरण, आकर्षक रंगोली, भव्य आतिशबाजी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, झूले, सेल्फी बूथ तथा बच्चों के रचनात्मक आयोजन* भी किए जाएंगे। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से भगवा ध्वज के साथ टोलियां भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगी, जिससे वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक एवं उत्सवमय हो जाएगा।
आयोजन समिति द्वारा शहरभर में व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया गया है। प्रत्येक मंदिर एवं बाजार क्षेत्र में नववर्ष अभिनंदन के बैनर लगाए गए हैं तथा घर-घर तक पत्रक पहुंचाने का कार्य किया गया है। साथ ही *नागरिकों से अपील* की गई है कि वे *अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों पर भगवा ध्वज लगाकर एवं संध्या के समय दीप प्रज्वलित कर भारतीय नववर्ष का स्वागत करें।*
प्रशासन की ओर से भी इस आयोजन को लेकर सकारात्मक सहयोग दिया गया है। तालाब क्षेत्र में जलकुंभी हटाने एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। मीडिया बन्धुओं एवं आमजन द्वारा कार्यक्रम के प्रचार प्रसार में सहयोग के लिए समिति ने धन्यवाद ज्ञापित किया हैं।
आयोजन समिति ने *शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में 18 मार्च को तालाब की पाल, सुभाष उद्यान पहुंचकर दीपदान करें और इस सांस्कृतिक महोत्सव को भव्य एवं ऐतिहासिक* बनाएं। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक परंपरा है, बल्कि हमारी संस्कृति, एकता और भारतीय नववर्ष के गौरव का प्रतीक बन चुका है, जिसे भविष्य में ब्यावर का दूसरा मेला बनाने का संकल्प भी लिया गया है।
error: Content is protected !!