मनवमी पर गौमाता के साथ क्रूरता

अधिवक्ता विवेक पाराशर ने प्रशासन को दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

अजमेर। अजमेर के पूर्व लोक अभियोजक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक पाराशर ने पुष्कर से अजमेर लौटते समय गौमाता के प्रति हो रही अमानवीय क्रूरता का पर्दाफाश किया है। रामनवमी के पावन अवसर पर सामने आई इस घटना ने गौभक्तों और आम जनमानस में भारी रोष व्याप्त कर दिया है।
​क्या है पूरा मामला?
​अधिवक्ता विवेक पाराशर ने बताया कि दोपहर करीब 3:30 बजे जब वे और यूनिवर्सिटी अध्यक्ष शक्ति प्रताप सिंह राठौड़ पुष्कर में आयोजित गायत्री महायज्ञ में आहुति देकर लौट रहे थे, तब उन्होंने रास्ते में एक हृदय विदारक दृश्य देखा। एक वाहन में मृत गायों को अत्यंत ही निर्दयतापूर्वक जंजीरों से बांधकर, एक के ऊपर एक पटक कर ले जाया जा रहा था।
​विवेक पाराशर ने कहा, “जिस देश में गाय को माता माना जाता है और आज के पवित्र दिन जब पूरा देश रामनवमी मना रहा है, ऐसे में प्रशासन की नाक के नीचे गौवंश के साथ ऐसा क्रूर व्यवहार असहनीय है। यह दृश्य देखकर किसी भी संवेदनशील व्यक्ति के रोंगटे खड़े हो सकते हैं।”
​प्रशासनिक लापरवाही पर उठाए सवाल
​वीडियो में अधिवक्ता पाराशर ने बताया कि जब उन्होंने उस गाड़ी को रोककर पूछताछ की, तो बताया गया कि इन्हें ‘माकूपुरा कचरा डिपो’ में डाला जाएगा। उन्होंने इस पर गहरा ऐतराज जताते हुए कहा कि मृत गौवंश के निस्तारण की भी एक सम्मानजनक और व्यवस्थित प्रक्रिया होती है, जिसका उल्लंघन कर उन्हें कचरे की तरह ले जाया जा रहा है।
​कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
​विवेक पाराशर ने स्पष्ट किया है कि यह कृत्य ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम’ (Prevention of Cruelty to Animals Act) के तहत एक गंभीर अपराध है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है।
​उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा:
​”यदि प्रशासन ने इस अमानवीय कृत्य पर तुरंत कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो हम न्यायालय की शरण लेंगे और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कानूनी कदम उठाएंगे। यह वीडियो प्रशासन की आँखें खोलने के लिए पर्याप्त है।”
​अधिवक्ता पाराशर ने सभी गौपालकों और गौभक्तों से भी जागरूक रहने की अपील की है ताकि भविष्य में गौवंश के साथ ऐसी अपमानजनक स्थिति पैदा न हो।
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