*गमें जिंदगी हम बताने चले हैं*
मुजफ्फरपुर / आचार्य श्री की जन्मदिन के अवसर पर प्रथम महावाणी स्मरण सह कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया।*
*आज के कार्यक्रमका शुभारंभ आचार्य श्री के गीत से हुआ जिसकी प्रस्तुति कवि अंजनी कुमार पाठक ने किया।कवि गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि सतेंद्र कुमार सत्येन तथा संचालन ओम प्रकाश गुप्ता ने किया।*
*आज के कवि गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे भोजपुरी के चर्चित कवि सतेंद्र कुमार सत्येन की विदेशिया शैली पर आधारित भोजपुरी रचना नदिया के पार,उतार रे मल्हबा” ….,कवि डॉ. हरिकिशोर प्रसाद सिंह की रचना “बसंत आ गया खिली फूलों की कली”,कवि ओम प्रकाश गुप्ता की जीवन और मृत्यु के सत्य से साक्षात्कार कराती विशेष रचना..!!पत्तों के गिर जाने से तरुवर कभी मरा नहीं करते,कर्म अमर हो जाता है यश कभी मिटा नहीं करते …!!,कवयित्री एवं गायिका डॉ. सुप्रिया सोनी की रचना ” मोह मत करु बाबू,अधम शरीर से..”,कवि अंजनी कुमार पाठक की रचना ” गमे जिंदगी हम बताने चले हैं “,हास्य कवि डॉक्टर जगदीश शर्मा की रचना”नारी का सम्मान होना चाहिए़” कवि अरुण कुमार तुलसी की रचना “जीवन का यह मोह घना..”, रामवृक्ष राम चकपुरी की रचना “उजड़ी हुई वस्तु में फिर से गुल खिला दे” एवं प्रमोद नारायण मिश्र की रचना “नफरत करती हो खूब करो” ने श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।*
*कार्यक्रम के अंत में प्रसिद्ध समाजसेवी एवं नागरिक मोर्चा के महासचिव मोहन प्रसाद सिन्हा ने उपस्थित कवियों,शायरों एवं श्रोताओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया। शहर के वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार,प्रमुख भाजपा नेता व पूर्व वार्ड पार्षद विष्णुकांत झा के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।तदोपरांत अध्यक्ष के आदेश से आगामी आयोजन तक विराम देते हुए कार्यक्रम स्थगित किया गया।*