हावड़ा : पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण को एक नया आयाम देने के लिए हरियाली संस्था के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक हावड़ा में आयोजित की गई। बैठक में कम लागत में प्रभावी पौधरोपण और तकनीक के माध्यम से पौधों की निगरानी करने पर विशेष चर्चा हुई।
इस दौरान राजकुमार गुप्त ने सुझाव दिया कि नर्सरी, वन विभाग और पर्यावरण विभाग से संपर्क कर पर्यावरण अनुकूल पौधे की जानकारी ली जाए। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक ‘प्रोटोकॉल श्रेणी’ तय करने तथा पौधों की उत्तरजीविता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इसी क्रम में अजय प्रसाद ने स्कूलों में ‘ग्रीन जोन’ बनाने, हर महीने पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित करने और पेड़ों पर क्यूआर कोड लगाने का प्रस्ताव रखा।
तकनीक की भूमिका को रेखांकित करते हुए संस्था के आईटी हेड संदीप गुप्ता ने एक ऐप और यूनिक आईडी सिस्टम विकसित करने की बात कही जिससे पेड़ों को ट्रैक किया जा सके। बिनय कुमार ने इस प्रक्रिया में मैनुअल रिकॉर्ड को भी जरूरी बताया।
बैठक में विनोद कुमार राउत ने अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधों को प्राथमिकता देने और अमित जायसवाल ने संस्था को सक्रिय रखने के लिए हर महीने कम से कम एक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।
संदीप उपाध्याय (उर्फ डीएम) ने कहा कि उन ग्रामीण स्कूलों को चिन्हित किया जाए जहां हरियाली के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है। रविवार को आयोजित इस बैठक में संस्था के मीडिया सलाहकार संदीप त्रिपाठी ने भी हर प्रकार के सहयोग का आश्वासन दिया।
आज के इस चर्चा में अजय प्रसाद, राज कुमार गुप्त, विनय कुमार, संदीप त्रिपाठी, संदीप उपाध्याय, संदीप गुप्ता, अमित जायसवाल और विनोद कुमार राउत ने भाग लिया। सभी सदस्यों ने अपने-अपने बहुमूल्य सुझाव व्यक्त किया।
[13/07, 8:06 pm] Rajkumar Gupta ( Kolkata News ): पर्यावरण संरक्षण पर जोर देने की पहल
हावड़ा। पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण को एक नया आयाम देने के लिए हरियाली संस्था के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक हावड़ा में आयोजित की गई। बैठक में कम लागत में प्रभावी पौधरोपण और तकनीक के माध्यम से पौधों की निगरानी करने पर विशेष चर्चा हुई।
इस दौरान राजकुमार गुप्त ने सुझाव दिया कि नर्सरी, वन विभाग और पर्यावरण विभाग से संपर्क कर पर्यावरण अनुकूल पौधे की जानकारी ली जाए। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक ‘प्रोटोकॉल श्रेणी’ तय करने तथा पौधों की उत्तरजीविता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इसी क्रम में अजय प्रसाद ने स्कूलों में ‘ग्रीन जोन’ बनाने, हर महीने पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित करने और पेड़ों पर क्यूआर कोड लगाने का प्रस्ताव रखा।
तकनीक की भूमिका को रेखांकित करते हुए संस्था के आईटी हेड संदीप गुप्ता ने एक ऐप और यूनिक आईडी सिस्टम विकसित करने की बात कही जिससे पेड़ों को ट्रैक किया जा सके। बिनय कुमार ने इस प्रक्रिया में मैनुअल रिकॉर्ड को भी जरूरी बताया।
बैठक में विनोद कुमार राउत ने अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधों को प्राथमिकता देने और अमित जायसवाल ने संस्था को सक्रिय रखने के लिए हर महीने कम से कम एक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।
संदीप उपाध्याय (उर्फ डीएम) ने कहा कि उन ग्रामीण स्कूलों को चिन्हित किया जाए जहां हरियाली के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है। रविवार को आयोजित इस बैठक में संस्था के मीडिया सलाहकार संदीप त्रिपाठी ने भी हर प्रकार के सहयोग का आश्वासन दिया।
आज के इस चर्चा में अजय प्रसाद, राज कुमार गुप्त, विनय कुमार, संदीप त्रिपाठी, संदीप उपाध्याय, संदीप गुप्ता, अमित जायसवाल और विनोद कुमार राउत ने भाग लिया। सभी सदस्यों ने अपने-अपने बहुमूल्य सुझाव व्यक्त किया।