पंचोली ने “प्राचीन मंदिर: अभियांत्रिकी, प्रबंधन एवं स्थापत्य विरासत (ATEMAH–2026)” में शोध पत्र का सफलतापूर्वक प्रस्तुतीकरण किया

अजमेर। भगवंत विश्वविद्यालय, अजमेर के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी श्री गजेन्द्र पंचोली ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “प्राचीन मंदिर: अभियांत्रिकी, प्रबंधन एवं स्थापत्य विरासत (ATEMAH–2026)” में अपने शोध पत्र का सफलतापूर्वक प्रस्तुतीकरण किया।

उन्होंने अपने शोध पत्र “श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा: स्थापत्य विरासत, प्रबंधन प्रणाली एवं तीर्थ अर्थव्यवस्था का एक समग्र अध्ययन” विषय पर प्रस्तुति दी। अपने शोध में उन्होंने श्रीनाथजी मंदिर को केवल एक धार्मिक स्थल न मानते हुए, उसे एक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित प्रबंधन प्रणाली के रूप में प्रस्तुत किया।

प्रस्तुतीकरण में मंदिर की हवेली शैली की वास्तुकला, पारंपरिक इंजीनियरिंग, दर्शन व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, वित्तीय प्रबंधन एवं तीर्थ आधारित अर्थव्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार यह मंदिर समय प्रबंधन, संसाधन प्रबंधन एवं संचालन प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो आधुनिक प्रबंधन सिद्धांतों के अनुरूप है।

इस अवसर पर भगवंत विश्वविद्यालय के चेयरमेन डॉ अनिल सिंह, कुलपति प्रो. (डॉ.) वी. के. शर्मा, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के अध्यक्ष एवं प्रति कुलपति प्रो. (डॉ.) आर. के. घई, प्रति कुलपति प्रो. (डॉ.) ए. के. शर्मा, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) ए. के. शर्मा, निदेशक प्रो. (डॉ.) एस. के. राजगुरु तथा सहायक निदेशिका डॉ. कोमल अलवानी ने श्री पंचोली के शोध कार्य की सराहना की।

साथ ही महावीर इंटरनेशनल के उपनिदेशक (प्रचार-प्रसार) कमल गंगवाल, वाइस चेयरमैन विजय जैन पांड्या, लायंस क्लब के प्रांतीय प्रवक्ता राजेन्द्र गांधी, INTACH के सदस्य अनिल लोढ़ा, प्रो. ए. के. रैना, मुकेश भार्गव, एस. एन. मिश्रा तथा फ्रेंडशिप लॉज नं. 47 के सचिव जय करणा एवं कोषाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रमेश यादव ने भी श्री पंचोली को बधाई दी।

श्री पंचोली को बधाई देने का क्रम निरंतर जारी है।

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