नई दिल्ली, जून, 2026- सैटेलाइट संचार के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी कंपनी वायासैट इंक ने 2026 वायासैटः स्पेस फॉर गुड इंडिया चैलेंज लांच करने की आज घोषणा की। यह कंपनी की वैश्विक STEM पहल है जिसे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को पृथ्वी पर जीवन सुधारने वाले टिकाऊ अंतरिक्ष समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करने के लिहाज से डिजाइन किया गया है।
वर्ष 2025 में भारत में मजबूत शुरुआत के बाद इस वर्ष का कार्यक्रम उसी गति को आगे बढ़ाते हुए मापने योग्य प्रभाव पैदा करता है जिसमें 93 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अंतरिक्ष और दूरसंचार करियर के बारे में बढ़ी हुई जागरूकता, अंतरिक्ष संबंधी करियर में रुचि में 53.45 प्रतिशत वृद्धि और भविष्य की नौकरी की संभावनाओं के बारे में आत्मविश्वास में 32.2 प्रतिशत की वृद्धि की जानकारी दी है। भारत के अंतरिक्ष उद्योग में लगातार हो रही प्रगति के बीच वायासैट का लक्ष्य नवप्रवर्तन और अगली पीढ़ी की प्रतिभाओं को सहयोग देकर इस विकास में एक मजबूत भूमिका निभाना है।
वायासैट इंडिया के प्रबंध निदेशक गौतम शर्मा ने कहा, “भारत में पिछले वर्ष को मिली प्रतिक्रिया हमारे अनुमान से कहीं जबरदस्त थी जिससे देशभर में विद्यार्थियों की अविश्वसनीय प्रतिभा और महत्वाकांक्षा का पता चलता है। वायासैटः स्पेस फॉर गुड की 2026 में वापसी के साथ हम उस मजबूत नींव पर आगे बढ़ते हुए विद्यार्थियों के लिए अवसरों का विस्तार कर रहे हैं जिससे वे ऐसे साहसिक विचार ला सकें जो वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का सामना करते हुए अंतरिक्ष टेक्नोलॉजीज़ को बदल सके। साझीदारों, विशेषज्ञ जजों और उद्योग जगत की आवाज को एक साथ लाकर हम एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार कर रहे हैं जो विद्यार्थियों को व्यापक अंतरिक्ष पारितंत्र से जोड़ सके। हम यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि यह अगला समूह भारत और उससे परे नवप्रवर्तन की सीमाओं को किस प्रकार आगे बढ़ाता है।”
कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण और महत्वपूर्ण तिथियां: वायासैटः स्पेस फॉर गुड इंडिया चैलेंज 2026 देशभर के विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए खुला है और आवेदन जमा करने एवं अतिरिक्त कार्यक्रम की सूचना का विवरण आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
यह प्रतियोगिता तीन चरणों में आयोजित की जाएगीः प्रथम चरण (लिखित प्रस्तुतिकरण)- 8 जुलाई-19 जुलाई, 2026, दूसरा चरण (3 मिनट का डिजिटल प्रस्तुतीकरण)- 3 अगस्त -23 अगस्त, 2026, तीसरा चरण (फाइनलिस्ट प्रस्तुतियों की तैयारी)- 7 सितंबर, 2026, अंतिम सप्ताह- 24 अक्टूबर- 27 अक्टूबर, 2026, अंतिम प्रस्तुति एवं पुरस्कार वितरण- 27 अक्टूबर, 2026।
प्रारंभिक चरण में से 30 विद्यार्थी दूसरे चरण में जाएंगे जिनमें से अंततः छह फाइनलिस्टों को उद्योग विशेषज्ञों के एक पैनल के समक्ष अपने विचार पेश करने के लिए चुना जाएगा। अंतिम प्रस्तुति से पहले अपने समाधानों को परिष्कृत और मजबूत करने के लिए प्रत्येक को एक वायासैट मेंटर के साथ जोड़ा जाएगा।
एक कठिन चुनौती के माध्यम से नवप्रवर्तन को बढ़ावा देना: दि वायासैट-स्पेस फॉर गुड चैलेंज प्रतिभागियों को इस बारे में विचार करने के लिए सशक्त बनाता है कि कैसे स्पेस टेक्नोलॉजीज पृथ्वी पर जीवन में सुधार ला सकती है। इसमें अंतरिक्ष तक न्यायसंगत और टिकाऊ पहुंच, डायरेक्ट टु डिवाइस (डी2डी), इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मल्टी- ऑर्बिट कंस्टेलेशंस और आपदा एवं मानवीय प्रतिक्रिया जैसे क्षेत्रों में संभावना तलाशना शामिल है।
पुरस्कार एवं पहचान: 2026 वायासैटः स्पेस फॉर गुड इंजिया चैलेंज के विजेताओं को मिलेगाःप्रथम स्थान– 5,00,000 रुपये, दूसरा स्थान– 3,75,000 रुपये, तीसरा स्थान– 2,75,000 रुपये ।