चारण साहित्य शोध संस्थान के स्थापना दिवस समारोह में साहित्यकारों, शोधार्थियों एवं समाज प्रतिभाओं का सम्मान

चारण सत्य का उपासक है – प्रो अबंदान रोहडिया
चारण साहित्य शोध संस्थान माकड़वाली रोड़ अजमेर में चारण साहित्य समारोह का आयोजन

अजमेर 14 जून। आज 14जून 2026 को अजमेर स्थित चारण साहित्य शोध संस्थान में स्थापना  दिवस के उपलक्ष में प्रतिवर्ष की भांति साहित्य समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें गुजरात से पूर्व  सांसद कच्छ, भुज पुष्पदान गढ़वी, प सेवानिवृत आई.ए.एस सी.डी आढ़ा, अजय विक्रम सिंह, राजेन्द्र रत्नु, धरोहर संरक्षण प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत , प्रोफेसर अम्बादान रोहड़िया,रामसिंह जी आढ़ा एवं संस्थान के अध्यक्ष भंवर सिंह जी चारण पद्म श्री सी पी देवल सहित राजस्थान, गुजरात हरियाणा दिल्ली व मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आये समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ मोहनदान रत्नू द्वारा माताजी के डिंगल छंदों के साथ हुआ।
जिसके बाद डिंगल के महान मूर्धन्य कवि डूंगरदान जी आशिया  सहित समाज की अन्य दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई। चारण समाज के शतायु समाज रत्न पुरस्कार 107वर्षिय शुभकरण आढा एवं 103वर्षीय आईदान लखावत को दिया गया। प्रो अबंदान रोहडिया ने चारण साहित्य में राष्ट्रीय अस्मिता विषय पर विचार रखते हुए कहा कि चारण सत्य का उपासक रहा है तथा अपनै साहित्य में राष्ट्र सम्मान व गौरव का वर्णन सदैव किया है।
संस्थान के संस्थापक एवं धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष लखावत ने चारण समाज द्वारा आऊवा पाली में किये गये सत्याग्रह को समाज के लिए गौरव का विषय बताते हुए इस गौरवशाली इतिहास को प्रत्येक गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया। समारोह के प्रथम सत्र में  मुख्य वक्ता प्रो राम सिंह आढ़ा रहे जिसमें मुख्य विषय कवि दुरसा आढ़ा के साहित्य में योगदान  विषय पर वक्तव्य प्रस्तुत किया। अन्य विषयों में चारणी नीति साहित्य , पर्यावरण संरक्षण ओरण को रखा गया, उक्त साहित्यिक कार्यक्रम में ओंकार सिंह लखावत धरोहर संरक्षण अध्यक्ष द्वारा परंपरागत बहियों के डिजिटलाइट विषय पर मुख्य उद्बोधन दिया एवं बहिया के डिजिटिलाइजेशन और सर्वमान्य की पहुंच तक के संस्थान के प्रयासों को रेखांकित किया । समारोह में चारण साहित्य शोध संस्थान के अध्यक्ष भंवर सिंह चारण द्वारा सभी आगंतुक प्रतिभागियों ,मेहमानों का स्वागत करते हुए संस्थान का परिचय एवं विकासात्मक कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया।
डॉ शक्तिदान कविया स्मृति डिंगल साहित्य सम्मान  राजस्थानी के  साहित्यकार श्री लक्ष्मण दान  कविया खेण  को श्रीफल शॉल व नकद  राशि  से सम्मानित किया । कार्यक्रम में हर वर्ष की भांति चीक शोधार्थियों को चारण साहित्य विषय पर शोध हेतु  चारण साहित्य शोध सम्मान व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया । शोधार्थी सम्मान में डॉ मीनाक्षी बोराणा, प्रोफेसर जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर, डॉ अशरीया मोहन गढ़वी, डॉ हरदेव कुमार, डॉ बलराम चावड़ा  सभी को  श्रीफल शॉल व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।
प्रशासनिक सेवा व अन्य  राजकीय सेवाओं में चयनित समाज प्रतिभाओं का अभिनंदन कार्यक्रम भी रखा गया। जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित प्रवीण रत्नू राजस्थान न्यायायिक सेवा में चयनित कविता चारण एवं  हाल ही में राजस्थान  प्रशासन सेवा में चयनित यशवंत सान्दू, दिव्यराज सिंह देवल , महेंद्र सिंह, खेत दान, नरपत दान, प्रशांत सिंह, उम्मेद सिंह, अंशुल सिंह, धनंजय सिंह, सभी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में पद्म श्री विजयदान देथा शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में  डॉ सीपी देवल द्वारा  व्याख्यान  प्रस्तुत किया गया। साहित्य में लोक भावना को विशेष रूप से रेखांकित किया । प्रोफेसर गजादान  चारण द्वारा  चारण नीति साहित्य विषय पर एवं  गिरधर दान रत्नू डिंगल साहित्यकार द्वारा चारणों द्वारा किए गए सत्याग्रह विषय पर वक्तव्य दिया। मंच संचालन संस्थान की महामंत्री डा सरोज लखावत ने किया तथा अंत में उपाध्यक्ष मदनदान ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
सरोज लखावत
7597946418

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