महाराजा दाहरसेन के 1314वें बलिदान दिवस पर हुये देशभक्ति कार्यक्रम
अजमेर 16 जून अपने त्याग व बलिदान से महापुरूष कहलाते हैं ऐसे ही हमारे राष्ट्र रक्षक, महाप्रतापी सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन थे जिन्होने अपने जीवनकाल में कई विदेशी आक्रमणों का डटकर मुकाबला किया और धोखे से हुये बलिदानी दाहरसेन, उनकी पत्नी लाडी बाई का सामूहिक जौहर व उनकी पुत्रियांे सूर्यकुमारी व परमल द्वारा बदला लेकर आत्मोसर्ग करने वाले इतिहास की प्रेरणादायी जानकारी ऐसे स्मारक से मिलती है ऐसे विचार सिन्धपुति महाराजा दाहरसेन के 1314वें बलिदान दिवस स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के महानगर संघ चालक खाजूलाल चौहान ने कहे। चौहान ने कहा कि सिन्ध के बिना हिन्द अधूरा है और हमें भाषा व संस्कृति को युवा पीढी तक पहुचाने का कार्य करना है। पर्यटन की सूची में ऐसे स्मारक जोडने चाहिये जिससे अजमेर आने वाला तीर्थयात्री यहां आकर प्रेरणा अवश्य ले। दाहरसेन के शासन में जनता द्वारा कर नहीं चुकाने वालों को छूट दे रखी थी और समाज को शोषण मुक्त बनाया था।
भारतीय सिन्धू सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने कहा कि आज बलिदान दिवस के अवसर पर अजमेर स्थित स्मारक के अलावा देश भर में अलग अलग संगठनों के साथ देशभक्ति के कार्यक्रम हो रहे हैं और यह स्मारक नगर सुधार न्यास के अध्यक्ष रहे ओंकार सिंह लखावत के कार्यकाल में तैयार होकर देश भर में राष्ट्र भक्ति का प्रेरणा केन्द्र बना हुआ है। इस अवसर पर विश्व हिन्दु परिषद के विधि प्रकोष्ठ शशि प्रकाश इन्दौरिया व हरिभाऊ उपाध्याय नगर विकास समिति अध्यक्ष अजय कपूर ने भी विचार प्रकट किये।
कार्यक्रम का शुभारम्भ हिंगलाज माता पूजा अर्चना से की गई जो प. दुर्गा प्रसाद शर्मा ने करवाई। महाराजा दाहरसेन की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रृद्धासुमन अर्पण कर सिन्ध के मानचित्र पर रक्षा सूत्र बांधकर अखण्ड भारत का संकल्प दोहराया गया। संभाग प्रभारी निरंजन शर्मा ने सभी का स्वागत भाषण व अतिथि परिचय दिया। आभार समन्वयक कवंल प्रकाश किशनानी ने देते हुये कहा कि स्मारक पर वर्ष भर निरंतर विभिन्न संगठनों के सहयोग से किये जा रहे हैं और आगामी 25 अगस्त जयंती के अवसर पर सभी विद्यालयों के सहयोग से खेलकूद आयोजन, रंगभरो प्रतियोगिता सहित देशभक्ति के कार्यक्रम आयोजित किये जायेगे। मंच का संचालन पूर्व उप महापौर सम्पत सांखला ने किया। देशभक्ति गीत मोहन कोटवाणी, मुकेश कुमार आर्य, लक्षमण चंदीरामाणी ने प्रस्तुत किये।
विजेता विद्यार्थियों का सम्मान
महेश टेकचंदाणी ने बताया कि इस वर्ष सिन्धी बाल संस्कार शिविरों में आयोजित रंग भरो प्रतियोगिता के विजेताओं को समारोह के अतिथियों द्वारा पुष्पहार पहनाकर प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया जिसमें नावियारा अगनाणी, पहल लालवाणी, मुस्कान आहूजा, लविश चेलाणी व अगम आहूजा सम्मिलित थे।
इस अवसर पर मुकेश खींची, तुलसी सोनी, शैलेन्द्र परमार, मोहन तुलस्यिाणी, मुकेश आहूजा, प्रकाश जेठरा, लाल नाथाणी, कैलाश लखवाणी, ईसर भम्भाणी, शिवप्रसाद गौतम, प्रकाश आसवाणी, पी.एस.चौहान, प्रकाश मीना, श्याम लालवाणी, सीताराम बच्चाणी, हेमलता डाबरा, रामस्वरूप कूडी, रमेश एच. लालवाणी, रमेश वलीरामाणी, दीपक खत्री, महेश ईसराणी, महेश चोटराणी, रमेश मेंघाणी, नारी बाघाणी सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सभी कार्यक्रमों में नगर निगम अजमेर, अजमेर विकास प्राधिकरण, भारतीय सिन्धू सभा, सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन विकास एवं समारोह समिति व सिन्धु इतिहास व साहित्य शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
समन्वयक
मो. 9829070059
अजमेर 16 जून अपने त्याग व बलिदान से महापुरूष कहलाते हैं ऐसे ही हमारे राष्ट्र रक्षक, महाप्रतापी सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन थे जिन्होने अपने जीवनकाल में कई विदेशी आक्रमणों का डटकर मुकाबला किया और धोखे से हुये बलिदानी दाहरसेन, उनकी पत्नी लाडी बाई का सामूहिक जौहर व उनकी पुत्रियांे सूर्यकुमारी व परमल द्वारा बदला लेकर आत्मोसर्ग करने वाले इतिहास की प्रेरणादायी जानकारी ऐसे स्मारक से मिलती है ऐसे विचार सिन्धपुति महाराजा दाहरसेन के 1314वें बलिदान दिवस स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के महानगर संघ चालक खाजूलाल चौहान ने कहे। चौहान ने कहा कि सिन्ध के बिना हिन्द अधूरा है और हमें भाषा व संस्कृति को युवा पीढी तक पहुचाने का कार्य करना है। पर्यटन की सूची में ऐसे स्मारक जोडने चाहिये जिससे अजमेर आने वाला तीर्थयात्री यहां आकर प्रेरणा अवश्य ले। दाहरसेन के शासन में जनता द्वारा कर नहीं चुकाने वालों को छूट दे रखी थी और समाज को शोषण मुक्त बनाया था।
भारतीय सिन्धू सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने कहा कि आज बलिदान दिवस के अवसर पर अजमेर स्थित स्मारक के अलावा देश भर में अलग अलग संगठनों के साथ देशभक्ति के कार्यक्रम हो रहे हैं और यह स्मारक नगर सुधार न्यास के अध्यक्ष रहे ओंकार सिंह लखावत के कार्यकाल में तैयार होकर देश भर में राष्ट्र भक्ति का प्रेरणा केन्द्र बना हुआ है। इस अवसर पर विश्व हिन्दु परिषद के विधि प्रकोष्ठ शशि प्रकाश इन्दौरिया व हरिभाऊ उपाध्याय नगर विकास समिति अध्यक्ष अजय कपूर ने भी विचार प्रकट किये।
कार्यक्रम का शुभारम्भ हिंगलाज माता पूजा अर्चना से की गई जो प. दुर्गा प्रसाद शर्मा ने करवाई। महाराजा दाहरसेन की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रृद्धासुमन अर्पण कर सिन्ध के मानचित्र पर रक्षा सूत्र बांधकर अखण्ड भारत का संकल्प दोहराया गया। संभाग प्रभारी निरंजन शर्मा ने सभी का स्वागत भाषण व अतिथि परिचय दिया। आभार समन्वयक कवंल प्रकाश किशनानी ने देते हुये कहा कि स्मारक पर वर्ष भर निरंतर विभिन्न संगठनों के सहयोग से किये जा रहे हैं और आगामी 25 अगस्त जयंती के अवसर पर सभी विद्यालयों के सहयोग से खेलकूद आयोजन, रंगभरो प्रतियोगिता सहित देशभक्ति के कार्यक्रम आयोजित किये जायेगे। मंच का संचालन पूर्व उप महापौर सम्पत सांखला ने किया। देशभक्ति गीत मोहन कोटवाणी, मुकेश कुमार आर्य, लक्षमण चंदीरामाणी ने प्रस्तुत किये।
विजेता विद्यार्थियों का सम्मान
महेश टेकचंदाणी ने बताया कि इस वर्ष सिन्धी बाल संस्कार शिविरों में आयोजित रंग भरो प्रतियोगिता के विजेताओं को समारोह के अतिथियों द्वारा पुष्पहार पहनाकर प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया जिसमें नावियारा अगनाणी, पहल लालवाणी, मुस्कान आहूजा, लविश चेलाणी व अगम आहूजा सम्मिलित थे।
इस अवसर पर मुकेश खींची, तुलसी सोनी, शैलेन्द्र परमार, मोहन तुलस्यिाणी, मुकेश आहूजा, प्रकाश जेठरा, लाल नाथाणी, कैलाश लखवाणी, ईसर भम्भाणी, शिवप्रसाद गौतम, प्रकाश आसवाणी, पी.एस.चौहान, प्रकाश मीना, श्याम लालवाणी, सीताराम बच्चाणी, हेमलता डाबरा, रामस्वरूप कूडी, रमेश एच. लालवाणी, रमेश वलीरामाणी, दीपक खत्री, महेश ईसराणी, महेश चोटराणी, रमेश मेंघाणी, नारी बाघाणी सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सभी कार्यक्रमों में नगर निगम अजमेर, अजमेर विकास प्राधिकरण, भारतीय सिन्धू सभा, सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन विकास एवं समारोह समिति व सिन्धु इतिहास व साहित्य शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
समन्वयक
मो. 9829070059