वर्षों पुराना भूमि विवाद सुलझा, मौके पर मिले पट्टे और सरकारी योजनाओं का लाभ
ग्राम पंचायत देवनगर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर 2026 ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आया। एक ही दिन में वर्षों से चला आ रहा पारिवारिक भूमि विवाद आपसी सहमति से समाप्त हो गया, वहीं पात्र परिवारों को आवासीय पट्टे, पशु बीमा, स्वास्थ्य सेवाएं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर ही मिला।
राजस्व विभाग ने शिविर के दौरान 3 सहमति बंटवारे, 35 खातों का शुद्धिकरण, 3 सीमाज्ञान एवं 2 रास्ता संबंधी प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया। ग्राम बांसेली के एक परिवार के बीच खाता संख्या 197 एवं 198 की कृषि भूमि को लेकर वर्षों से चल रहे विवाद का शांतिपूर्ण समाधान रहा, जिससे परिवार में फिर से भाईचारा और सौहार्द का माहौल कायम हुआ।
पंचायती राज विभाग ने 5 आवासीय पट्टों का वितरण किया, जबकि पशुपालन विभाग ने 5 पशुपालकों को मंगला पशु बीमा योजना का लाभ प्रदान किया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां वितरित कीं। कृषि विभाग ने किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराए तथा महिला एवं बाल विकास विभाग ने महिलाओं एवं बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर लाभान्वित किया। अन्य विभागों ने भी कई जनसमस्याओं का मौके पर ही समाधान किया।
शिविर में उपखण्ड अधिकारी गुरु प्रसाद तंवर, तहसीलदार इन्द्रजीत सिंह चौहान, सरपंच लाली देवी, भाजपा मंडल अध्यक्ष (बूढ़ा पुष्कर) शक्ति सिंह राठौड़, महेन्द्र सिंह मझेवला, महेन्द्र सिंह राजावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीण सेवा शिविर बना वर्षों पुराने भूमि विवाद का समाधान
तीन भाइयों के बीच हुआ सहमति से बंटवारा, परिवार में लौटा भाईचारा और विश्वास
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आयोजित ’’ग्रामीण सेवा शिविर-2026’’ ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन की वर्षों पुरानी समस्याओं के त्वरित एवं मौके पर समाधान का प्रभावी मंच बनकर उभर रहा है। शिविरों के माध्यम से शासन की संवेदनशील, जनहितैषी एवं समाधान-केंद्रित कार्यशैली का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रहा है। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण ग्राम पंचायत देवनगर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में देखने को मिला, जहां वर्षों से लंबित पारिवारिक भूमि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान कर एक परिवार में फिर से भाईचारा स्थापित किया गया।
ग्राम बांसेली निवासी श्री किशनलाल पुत्र मोडू, श्री सुखाराम पुत्र मोडू एवं श्री रामदेव पुत्र मोडू (जाति माली) के बीच खाता संख्या 197 एवं 198 की कृषि भूमि के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। वर्षों से चले आ रहे इस विवाद के कारण परिवार में आपसी मनमुटाव बढ़ गया था और कई प्रयासों के बावजूद समाधान नहीं निकल पा रहा था। भूमि का स्पष्ट बंटवारा नहीं होने से परिवार के सदस्यों के बीच तनाव बना हुआ था।
ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया। अधिकारियों ने तीनों पक्षों को धैर्यपूर्वक सुना, राजस्व अभिलेखों का विस्तार से परीक्षण किया तथा निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से सभी पक्षों के बीच संवाद स्थापित कराया। लगातार समझाइश और सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप तीनों भाई आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने पर राजी हो गए।
शिविर में ही सहमति बंटवारानामा तैयार कर विधिवत भूमि का बंटवारा सम्पन्न कराया गया। वर्षों से चला आ रहा विवाद समाप्त होने के साथ ही परिवार में पुनः सौहार्द, विश्वास और भाईचारे का वातावरण स्थापित हो गया। सभी पक्षों ने मौके पर ही समाधान मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राजस्व विभाग एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
ग्रामीण सेवा शिविर बना जनसेवा का सशक्त माध्यम
श्रीनिम्बार्क तीर्थ शिविर में एक ही दिन में मिले प्रमाण-पत्र, योजनाओं का लाभ और त्वरित समाधान
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन और जनसेवा का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। ग्राम पंचायत श्रीनिम्बार्क तीर्थ के अटल सेवा केन्द्र में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों ने एक ही स्थान पर अपनी सेवाएं उपलब्ध कराकर ग्रामीणों को राहत प्रदान की।
शिविर का निरीक्षण एवं संचालन उपखण्ड अधिकारी श्री अनिल कुमार चौधरी, तहसीलदार श्री सज्जन कुमार लाटा एवं विकास अधिकारी श्रीमती रेखा मीणा की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा मौके पर ही अनेक आवेदनों एवं प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया गया।
शिविर में शिक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को पालनहार योजना, छात्रवृत्ति, निःशुल्क गणवेश तथा अन्य शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी देकर उन्हें योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। राजकीय विद्यालय में अध्ययनरत 14 पालनहार विद्यार्थियों के अध्ययनरत प्रमाण-पत्र ऑनलाइन जारी किए गए, जिससे उन्हें योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा। अभिभावकों ने बच्चों की नियमित शिक्षा जारी रखने का संकल्प भी लिया।
स्वास्थ्य विभाग ने भी शिविर में प्रभावी सेवाएं प्रदान करते हुए 56 पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए। इसके साथ ही 309 ग्रामीणों की गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की स्क्रीनिंग कर आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। क्षय रोगियों को निक्षय पोषण किट प्रदान कर उनके बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।
राजस्व विभाग ने भी शिविर में उल्लेखनीय कार्य करते हुए 8 सहमति विभाजन, 12 धारा 136 (शुद्धि) के प्रकरण, 28 नामांतरण प्रकरण तथा 4 रास्ता संबंधी विवादों का मौके पर ही निस्तारण किया। वहीं ग्राम पंचायत द्वारा 32 नए पट्टों के आवेदन प्राप्त किए गए तथा 42 जाति एवं मूल निवास प्रमाण-पत्र जारी किए गए। रसद विभाग ने 4 लाभार्थियों की ई-केवाईसी अपडेट की, जबकि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने 3 नए पालनहार योजना आवेदन स्वीकार किए।
शिविर का एक भावनात्मक और प्रेरणादायक क्षण तब आया जब महिला अधिकारिता विभाग द्वारा बालिका यशस्वी का बेटी जन्मोत्सव केक काटकर मनाया गया। इस आयोजन ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संदेश को सशक्त रूप से समाज तक पहुंचाया और उपस्थित ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की।