बुधवार को भी मिलेगी जन-जन को राहत
अजमेर, 14 जुलाई। आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं स्थानीय स्तर पर समाधान और विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान करने के लिए बुधवार 15 जुलाई को भी ग्रामीण एवं शहरी शिविरों के माध्यम से राहत प्रदान की जाएगी।
जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने बताया कि अभियान के तहत 15 जुलाई तक प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर सोमवार से शुक्रवार तक ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बुधवार 15 जुलाई को उपखण्ड क्षेत्र अजमेर की भांवता, भिनाय की नागोला एवं देवपुरा, केकड़ी की सलारी, नसीराबाद की न्यारा, रूपनगढ़ की रूपनगढ़, सरवाड़ की कल्याणपुरा एवं केबानिया तथा पीसांगन की केसरपुरा ग्राम पंचायत में ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार नगरीय निकायों में शहरी सेवा शिविरों का आयोजन वार्डवार किया जाएगा।
सफलता की कहानी-1
मकरेड़ा शिविर में रेखा को हाथोंहाथ मिला विवाह प्रमाण पत्र
मौके पर ही हुआ त्वरित पंजीकरण, दंपती ने जताया सरकार का आभार
राजस्थान सरकार द्वारा आमजन को उनके घर के समीप ही त्वरित प्रशासनिक सेवाएं और राहत पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्रामीण परिवारों के लिए बेहद मददगार साबित हो रहे हैं। ऎसा ही एक सुखद और सफल मामला जिले की पंचायत समिति पींसागन के अंतर्गत ग्राम पंचायत मकरेड़ा में आयोजित विशेष शिविर में सामने आया है।
शिविर के दौरान ग्राम मकरेड़ा निवासी नवविवाहिता श्रीमती रेखा (पत्नी श्री प्रवेश कुमार) पंचायती राज विभाग के समस्या निस्तारण काउंटर पर उपस्थित हुईं। आवेदिका रेखा ने अपने विवाह पंजीकरण (मैरिज रजिस्ट्रेशन) के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ ग्राम पंचायत के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत किया। पारिवारिक और सामाजिक कार्यों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए विवाह प्रमाण पत्र एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज है, इसे ध्यान में रखते हुए काउंटर पर तैनात टीम ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई।
ग्राम पंचायत मकरेड़ा की प्रशासनिक टीम द्वारा मौके पर ही प्राप्त आवेदन पत्र और संलग्न साक्ष्यों की त्वरित तकनीकी जांच व भौतिक सत्यापन की कार्यवाही पूर्ण की गई। सभी तथ्य और रिकॉर्ड सही पाए जाने पर, बिना किसी देरी के डिजिटल पोर्टल के माध्यम से श्रीमती रेखा (पत्नी श्री प्रवेश कुमार) का विवाह प्रमाण पत्र मौके पर ही तैयार कर दिया गया। तैयार किया गया आधिकारिक विवाह प्रमाण पत्र शिविर में उपस्थित मुख्य अतिथियों और अधिकारियों द्वारा स्वयं आवेदिका को सुपुर्द किया गया।
मौके पर ही प्रामाणिक दस्तावेज प्राप्त कर प्रार्थी ने खुशी जाहिर की और गाँव के भीतर ही कैंप लगाकर आमजन की बुनियादी समस्याओं का तुरंत समाधान करने के लिए राजस्थान सरकार, स्थानीय प्रशासन और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की इस संवेदनशील पहल की मुक्त कंठ से सराहना की तथा हार्दिक आभार व्यक्त किया।
सफलता की कहानी-2
रामधन के राजस्व रिकॉर्ड में नाम की अशुद्धि मौके पर ही हुई दूर
ग्रामीण सेवा शिविर में हाथोंहाथ सुपुर्द हुआ शुद्धिकरण का आदेश
राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 उन काश्तकारों और वंचित ग्रामीणों के लिए सच्चे अर्थों में वरदान सिद्ध हो रहे हैं जो राजस्व रिकॉर्ड की तकनीकी खामियों के कारण सालों से परेशान थे। ऎसा ही एक अत्यंत संवेदनशील और सुखद मामला भिनाय तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत एकलसिंगा में आयोजित शिविर में सामने आया, जहाँ एक काश्तकार की सालों पुरानी जटिल समस्या का मौके पर ही त्वरित समाधान कर उन्हें बड़ी राहत प्रदान की गई।
शिविर में ग्राम घणा निवासी प्रार्थी श्री रामधन (पुत्र श्री समरथ, जाति जाट) अपनी खातेदारी भूमि के राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी) में गलत नाम दर्ज होने की वजह से वर्षों से विभिन्न न्यायालयों और कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगा-लगाकर काफी हताश और निराश हो चुके थे। प्रार्थी का सही नाम पन्नालाल पुत्र समरथ जाति जाट है, जबकि वर्तमान जमाबंदी में उनका नाम गलत तरीके से दर्ज हो गया था, जिसे सही करवाने के लिए वे लंबे समय से भटक रहे थे लेकिन उन्हें कहीं से भी राहत नहीं मिल पा रही थी।
ग्राम पंचायत मुख्यालय एकलसिंगा पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान प्रार्थी ने शिविर प्रभारी श्रीमती जीतू कुल्हरी (उपखण्ड अधिकारी, भिनाय) के समक्ष उपस्थित होकर अपनी इस गंभीर पीड़ा को साझा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिविर प्रभारी ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई।
उन्होंने मौके पर ही मौजूद संबंधित पटवारी हल्का, भू-अभिलेखा निरीक्षक, नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार से इस प्रकरण पर तुरंत रिपोर्ट ली।
इसके पश्चात, प्रार्थी से नियमानुसार आवेदन पत्र प्राप्त कर नाम की इस अशुद्धि को हाथों-हाथ शुद्ध करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक आदेश मौके पर ही जारी कर दिए गए। शिविर में उपस्थित शिविर प्रभारी श्रीमती जीतू कुल्हरी और शिविर सहप्रभारी श्रीमान अर्जुन सिंह (विकास अधिकारी, पंचायत समिति भिनाय) द्वारा स्वयं प्रार्थी को नाम शुद्धिकरण का यह स्वीकृत आदेश पत्र सुपुर्द किया गया।
सालों से लंबित यह महत्वपूर्ण कार्य महज कुछ ही घंटों में एक ही छत के नीचे पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न होने पर काश्तकार के चेहरे पर बड़ी राहत और खुशी की मुस्कान लौट आई। अपने सही नाम का आधिकारिक राजस्व आदेश हाथ में लेकर प्रार्थी ने शिविर प्रभारी श्रीमती जीतू कुल्हरी को सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने गाँव-गाँव इस तरह के शिविर लगाकर आमजन की बुनियादी समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के लिए राज्य सरकार और यशस्वी मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की इस संवेदनशील पहल की मुक्त कंठ से सराहना की।
सफलता की कहानी-3
कोटड़ी के युद्धवीर सिंह के परिवार को मिला मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का संबल
दो दुधारू गायों को मिला 80 हजार रुपये का सुरक्षा कवच
राजस्थान सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए आयोजित किए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर-2026 पशुपालक परिवारों के लिए सच्चे अर्थों में सुरक्षा कवच साबित हो रहे हैं। ऎसा ही एक सुखद और राहत भरा मामला जिले की सिलोरा (किशनगढ़) पंचायत समिति के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटड़ी के अटल सेवा केन्द्र पर आयोजित विशेष शिविर में सामने आया है।
शिविर में ग्राम कोटड़ी निवासी पशुपालक श्री युद्धवीर सिंह और उनका परिवार पशुपालन के कार्य से अपनी आजीविका चलाता है। उनके परिवार के भरण-पोषण और आय का मुख्य जरिया उनकी दुधारू गाएं ही हैं। युद्धवीर सिंह ने बताया कि पहले पशुओं के बीमा के संबंध में समुचित जानकारी नहीं होने के कारण उन्हें हमेशा यह चिंता सताती रहती थी कि यदि किसी आकस्मिक बीमारी, दुर्घटना या अप्रत्याशित परिस्थिति में पशु की मृत्यु हो गई, तो परिवार पर बड़ा आर्थिक संकट आ जाएगा।
ग्राम पंचायत कोटड़ी में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान जब पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें राज्य सरकार की कल्याणकारी मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के बारे में विस्तार से समझाया, तो युद्धवीर सिंह को अपनी चिंता का स्थाई समाधान मिल गया। उन्होंने बिना कोई देरी किए तुरंत शिविर में ही अपनी दोनों दुधारू गायों का बीमा करवाया।
विभाग के अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उनकी दोनों गायों का 40,000-40,000 रुपये का बीमा कर कुल 80,000 रुपये का बीमा सुरक्षा कवच मौके पर ही प्रदान किया गया और इसका आधिकारिक प्रमाण पत्र उन्हें सुपुर्द किया गया।
हाथोंहाथ पशुओं का बीमा होने पर पशुपालक युद्धवीर सिंह के चेहरे पर संतोष और सुरक्षा का भाव नजर आया। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उनका परिवार पूरी तरह से चिंतामुक्त होकर पशुपालन कर सकेगा क्योंकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में इस योजना के जरिए उन्हें आर्थिक सहयोग मिल सकेगा। लाभार्थी ने इस बेहतरीन योजना और गाँव के भीतर ही कैंप लगाकर पशुपालकों को सीधे लाभान्वित करने के लिए राजस्थान सरकार और प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया है, साथ ही अन्य साथी पशुपालकों से भी आगे आकर इस बीमा योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया।