दहेज प्रतिषेध दिवस पर सामूहिक शपथ, सामाजिक चेतना और नैतिक मूल्यों को अपनाने का दिया संदेश
ब्यावर। राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निर्देशानुसार श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित श्री वर्द्धमान कन्या पी.जी. महाविद्यालय, ब्यावर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) के तत्वावधान में दहेज प्रतिषेध दिवस का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों ने दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन का संकल्प लेते हुए “न दहेज देंगे, न दहेज लेंगे” की सामूहिक शपथ ली।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर.सी. लोढ़ा ने कहा कि दहेज प्रथा समाज पर एक अभिशाप है, जिसे समाप्त करने में शिक्षित युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्राओं से दहेज मुक्त विवाह का संकल्प लेने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी के जागरूक प्रयासों से ही समानता और सामाजिक न्याय पर आधारित समाज का निर्माण संभव है।
श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति के मंत्री डॉ. नरेन्द्र पारख ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्राओ में सामाजिक चेतना, नैतिक मूल्यों और उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि दहेज जैसी कुरीति के विरुद्ध प्रत्येक परिवार और युवा को आगे आकर जन जागरण करना चाहिए।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों एवं छात्राओं ने दहेज प्रथा के विरुद्ध समाज में व्यापक जनजागरूकता फैलाने तथा दहेज मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक शपथ एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।