वर्द्धमान रूट्स व गर्ल्स स्कूल के विद्यार्थियों ने पेट्स शॉप भ्रमण के दौरान जाना पालतू जीवों का संसार, सीखा प्रेम, करुणा और जिम्मेदारी का पाठ
ब्यावर। श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित श्री वर्द्धमान रूट्स व गर्ल्स स्कूल के विद्यार्थियों को अनुभवात्मक शिक्षा के अंतर्गत प्रदीप पेट शॉप का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान नन्हे विद्यार्थियों ने विभिन्न पालतू जीवों और पक्षियों को निकट से देखा तथा उनके रहन-सहन, खान-पान, देखभाल और व्यवहार के बारे में रोचक जानकारी प्राप्त की।
भ्रमण के दौरान बच्चों ने बिल्ली, खरगोश,विभिन्न प्रजातियों की मछलियों, पालतू डॉग सहित अन्य जीवों को उत्सुकता से देखा और उनके प्रति अपनापन व्यक्त किया। गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम, दया, करुणा और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का संदेश दिया गया। नन्हे विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सीखने और अनुभव करने का आनंद लिया।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती श्वेता नाहर ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ना भी है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण बच्चों में जिज्ञासा, संवेदनशीलता, आत्मविश्वास तथा अवलोकन क्षमता का विकास करते हैं और उन्हें प्रकृति एवं जीव-जंतुओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
वर्द्धमान गर्ल्स स्कूल के प्राचार्य अरविंद नाहर ने कहा कि प्रारंभिक अवस्था में छात्राओं को पुस्तकों के साथ-साथ वास्तविक अनुभवों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण बच्चों में जिज्ञासा, अवलोकन क्षमता, संवेदनशीलता एवं जीव-जंतुओं के प्रति प्रेम की भावना विकसित करते हैं।
श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति के मंत्री डॉ. नरेन्द्र पारख ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों में मानवीय मूल्य, करुणा और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि गतिविधि आधारित शिक्षण बच्चों के सर्वांगीण विकास का प्रभावी माध्यम है और ऐसे अनुभव उन्हें संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
भ्रमण के दौरान शिक्षकगण भी विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को पालतू जीवों की देखभाल, उनके संरक्षण और उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार की जानकारी देते हुए सीखने को आनंददायक और व्यवहारिक बनाने का प्रयास किया।