ऐ शहीदों देश पर जान निछावर करकेसच्चे देश भक्त का परिचय दिया है तुमने,
अपने लहू से सींचकर देश के तिरंगे को
दुनिया में तिरंगे का पहचान कराया है तुमने।
जिस तिरंगे से तुम लिपट कर आए हो
इसकी आन-बान-शान को बढ़ाया है तुमने,
गर्व है हमें बस इस बात का किसी के आगे
तिरंगे को नहीं दिया है झुकने तुमने।
यह तिरंगा बाहरी हवाओं से नहीं बल्कि
वीर शहीदों तुम्हारी सांसों से फहर रही है,
जब भी देखते हैं हम फहरते हुए तिरंगे को
ऐसा लगता है तुम्हारी बहादुरी बयां कर रही है।
ऐ सुपुतों कैसे भुला दें तुम्हारी बलिदान को हम
कभी भूलेंगे नहीं बलिदान के किस्से को हम,
इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका नाम तुम्हारा
दिल से कोटि-कोटि नमन तुम्हे करते हैं हम।
रिटायर्ड हवलदार श्रीमान गोपाल नेवार, सलुवा खड़गपुर, प. बं.