मुंबई, सितंबर 2026: पेट्रोनास समूह की कंपनी और उन्नत ऑटोमोटिव व औद्योगिक लुब्रिकेंट तकनीक के भरोसेमंद नाम पेट्रोनास लुब्रिकेंट्स इंडिया ने भारत की सबसे बड़ी वाणिज्यिक वाहन निर्माता टाटा मोटर्स के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह एमओयू यूज्ड ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट्स के जिम्मेदार संग्रह और रीसाइक्लिंग के लिए है। दोनों कंपनियां महाराष्ट्र और तमिलनाडु में एक साथ इस व्यवस्थित और विस्तार-योग्य मॉडल का पायलट करेंगी। यह साझेदारी पर्यावरण से जुड़ी एक गंभीर चुनौती से निपटने के लिए उद्योग की दो अग्रणी कंपनियों की एक-दूसरे की पूरक ताकतों को साथ लाती है। यह पहल भारत के विकसित हो रहे एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (ईपीआर) ढांचे के अनुपालन में भी मदद करती है और देश के सर्कुलर इकोनॉमी के लक्ष्यों को आगे बढ़ाती है।
इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत करते हुए पेट्रोनास लुब्रिकेंट्स इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री बिनु चांडी ने कहा, “यूज्ड ऑयल में असली सर्कुलैरिटी तब बननी शुरू होती है, जब री-रिफाइंड बेस ऑयल को वापस फिनिश्ड लुब्रिकेंट्स में मिलाया जाता है। टाटा मोटर्स के साथ हमारा सहयोग यूज्ड ऑयल की सर्कुलैरिटी के लिए एक स्केलेबल मॉडल खड़ा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह हमारे चैनल नेटवर्क की मजबूती को उस दौर में दिखाता है, जब हम अपने पूरे कामकाज में कार्बन फुटप्रिंट काफी घटाने में जुटे हैं।”
टाटा मोटर्स लिमिटेड में स्पेयर्स एवं नॉन-व्हीकल बिजनेस के प्रमुख श्री विक्रम अग्रवाल ने कहा, “टाटा मोटर्स में सस्टेनेबिलिटी को आगे बढ़ाने वाली कार्यप्रणालियां और साझेदारियां हमारे लिए बुनियादी हैं। इन्हीं से सर्कुलर इकोनॉमी के सिद्धांत आगे बढ़ते हैं और पूरी ऑटोमोटिव वैल्यू चेन में सार्थक पर्यावरणीय असर बनता है। पेट्रोनास लुब्रिकेंट्स इंडिया के साथ मिलकर हम यूज्ड ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट्स के संग्रह, रिकवरी और रीसाइक्लिंग के लिए एक व्यवस्थित ढांचा खड़ा करने की दिशा में अहम कदम उठा रहे हैं। यह पायलट पहल संसाधनों के जिम्मेदार इस्तेमाल के हमारे संकल्प से गहराई से जुड़ी है और भारत के व्यापक सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को सहारा देती है। अपने दोनों संगठनों की पूरक ताकतों और विशेषज्ञता को साथ लाकर हमारा मकसद यूज्ड ऑयल रीसाइक्लिंग के ऐसे मॉडल की व्यावहारिकता जांचना है, जिसे आगे बड़े पैमाने पर ले जाया जा सके, जो लंबे समय तक मूल्य दे सके और पूरे उद्योग की प्रगति में योगदान दे सके।”
यह पहल खतरनाक कचरे की श्रेणी में आने वाले यूज्ड लुब्रिकेंट्स के प्रबंधन के लिए एक व्यवस्थित और ट्रैक की जा सकने वाली प्रणाली बनाएगी। यह संग्रह और भंडारण से लेकर रीसाइक्लिंग तक की पूरी कड़ी को समेटेगी, जहां इस तेल को उच्च गुणवत्ता वाले री-रिफाइंड बेस ऑयल में बदला जा सकता है। पेट्रोनास लुब्रिकेंट्स इंडिया विशेष और अधिकृत संग्रह व्यवस्थाओं के जरिये यूज्ड लुब्रिकेंट्स के एकत्रीकरण और आवाजाही का पायलट करेगी, और यह सुनिश्चित करेगी कि वे प्रामाणिक, रजिस्टर्ड रीसाइकलर्स तक पहुंचें। वहीं टाटा मोटर्स अपने व्यापक अधिकृत सर्विस नेटवर्क का इस्तेमाल कर अपने पूरे इकोसिस्टम में इस तेल के व्यवस्थित संग्रह और जिम्मेदार निपटान को संभव बनाएगी। संसाधनों की बेहतर कुशलता और पर्यावरण के जोखिम में कमी के जरिये इस पायलट का मकसद जिम्मेदार कचरा प्रबंधन के मानकों को और मजबूत करना तथा सर्कुलर व संसाधन-कुशल अर्थव्यवस्था की ओर भारत के व्यापक बदलाव को सहारा देना है।