बिमटेक और इंस्टीट्यूट ऑफ एक्चुअरीज ऑफ इंडिया (IAI) के बीच एमओयू

कार्बन मार्केट्स और क्लाइमेट फाइनेंस में प्रोफेशनल कैपेबिलिटी बढ़ाने पर जोर

नेशनल, 10 सितंबर 2026। बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (बिमटेक) और इंस्टीट्यूट ऑफ एक्चुअरीज ऑफ इंडिया (IAI) ने प्रोफेशनल लर्निंग को मजबूत करने और उभरते क्षेत्रों में प्रोफेशनल क्षमताएं विकसित करने के लिए एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। एमओयू पर बिमटेक के डीन एवं डिप्टी डायरेक्टर डॉ. पंकज प्रिया और IAI की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. रुचिता वर्मा ने हस्ताक्षर किए।

इस एमओयू के तहत बिमटेक और IAI अगले एक साल में मिलकर 2-3 सर्टिफिकेशन प्रोग्राम तैयार कर संचालित करेंगे। दोनों संस्थान मैनेजमेंट एजुकेशन और एक्चुरियल साइंस में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए इन कार्यक्रमों को विकसित करेंगे। एमओयू के तहत पहला कार्यक्रम ‘सर्टिफिकेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑन कार्बन क्रेडिट्स एंड कार्बन मार्केट्स’ है। इसके जरिए वर्किंग प्रोफेशनल्स, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े लोगों को तेजी से बदल रही कार्बन इकोनॉमी की  प्रैक्टिकल इंफॉर्मेशन दी जाएगी।

इस कार्यक्रम की रूपरेखा बिमटेक की डायरेक्टर डॉ. प्रबीना राजिब के नेतृत्व में तैयार की गई है। वह ग्लोबल कार्बन मार्केट्स से जुड़े प्रमुख सत्र भी लेंगी। इनमें यूरोपियन यूनियन एमिशन ट्रेडिंग सिस्टम,परफॉर्म,अचीव एंड ट्रेड, एनर्जी सेविंग सर्टिफिकेट्स, और कार्बन फ्यूचर्स जैसे कार्बन मार्केट से जुड़े विषय शामिल हैं।

इस पहल के महत्व पर बिमटेक की डायरेक्टर डॉ. प्रबीना राजिब ने कहा, “लो-कार्बन इकोनॉमी की ओर बढ़ना केवल पर्यावरण से जुड़ी जरूरत नहीं है, बल्कि इसका असर अब बिजनेस, फाइनेंस और जोखिम से जुड़े फैसलों पर भी पड़ रहा है। जैसे-जैसे कार्बन मार्केट विकसित हो रहे हैं, ऐसे प्रोफेशनल्स की जरूरत बढ़ रही है जो इन बाजारों के काम करने के तरीके और उनसे जुड़े अवसरों व जोखिमों को समझते हों।

इंस्टीट्यूट ऑफ एक्चुअरीज ऑफ इंडिया के साथ एमओयू के तहत शुरू किया गया कार्बन क्रेडिट्स एंड कार्बन मार्केट्स सर्टिफिकेशन प्रोग्राम इसी जरूरत को पूरा करने की दिशा में एक प्रयास है। इसमें कार्बन मार्केट, फाइनेंस, रेगुलेशन और जोखिम से जुड़े विभिन्न पहलुओं को एक साथ समझने का अवसर मिलेगा। इस साझेदारी के जरिए हमारा लक्ष्य ऐसे क्षेत्रों में प्रोफेशनल क्षमताएं विकसित करना है, जिनका आने वाले समय में बिजनेस और प्रोफेशनल्स पर अधिक प्रभाव पड़ेगा।”

IAI की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. रुचिता वर्मा ने बताया , “क्लाइमेट और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े बदलते क्लाइमेट और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच एनालिटिकल और रिस्क मैनेजमेंट स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स के लिए नए अवसर सामने आ रहे हैं। बिमटेक के साथ यह एमओयू हमें ऐसे लर्निंग प्रोग्राम तैयार करने में मदद करेगा , जो उभरते प्रोफेशनल जरूरतों के अनुरूप हों और बढ़ते महत्व वाले क्षेत्रों के बारे में जागरूकता बढ़ाएगा ।”

कार्बन क्रेडिट्स और कार्बन मार्केट्स से जुड़ा ऑनलाइन सर्टिफिकेशन प्रोग्राम 19 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा।
यह  प्रोग्राम एक्चुअरीज और एक्चुरियल स्टूडेंट्स, फाइनेंस एवं इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स, रिस्क मैनेजर्स, ESG और सस्टेनेबिलिटी प्रोफेशनल्स, पॉलिसी एक्सपर्ट , कंसल्टेंट्स, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स तथा क्लाइमेट फाइनेंस और सस्टेनेबिलिटी में रुचि रखने वाले स्टूडेंट्स के लिए तैयार किया गया है ।

कार्यक्रम में ग्लोबल क्लाइमेट फ्रेमवर्क, कार्बन मार्केट मैकेनिज्म, नेट-जीरो कैलकुलेशन, क्लाइमेट और सस्टेनेबिलिटी रिस्क, वॉलंटरी कार्बन मार्केट्स और कंप्लायंस फ्रेमवर्क जैसे विषयों को शामिल किया गया है। इंटरैक्टिव ऑनलाइन फॉर्मेट में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य सैद्धांतिक जानकारी को व्यावहारिक उपयोग से जोड़ना और बिजनेस तथा वित्तीय फैसलों में कार्बन मार्केट की बढ़ती भूमिका को समझने में मदद करना है।
इस एमओयू के जरिए बिमटेक और IAI लो-कार्बन इकोनॉमी की दिशा में हो रहे ग्लोबल चेंजेज़ से जुड़े अवसरों और चुनौतियों को समझने में सक्षम प्रोफेशनल्स तैयार करने में योगदान देने की दिशा में काम करेंगे।

Leave a Comment

This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

error: Content is protected !!