हिंदी दोहा वाचन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की साहित्यिक प्रतिभा

ब्यावर। श्री नृसिंह अग्रसेन जैन विद्यापीठ में विद्यार्थियों में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने तथा उनके वाचन, अभिव्यक्ति एवं आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शनिवार, 12 सितंबर 2026 को कक्षा VI से VIII के विद्यार्थियों के लिए हिंदी दोहा वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता को एकल वाचन एवं सामूहिक वाचन दो वर्गों में विभाजित किया गया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने कबीर, रहीम, तुलसीदास, मीरा, रैदास सहित अनेक प्रसिद्ध कवियों के दोहों का भावपूर्ण एवं प्रभावशाली वाचन प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने शुद्ध उच्चारण, स्वर, लय, भाव-भंगिमा, वाचन शैली एवं आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के मूल्यांकन के लिए उच्चारण एवं स्पष्टता, स्वर एवं लय, भाव-प्रस्तुति, वाचन शैली तथा आत्मविश्वास को प्रमुख आधार बनाया गया। सभी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए हिंदी साहित्य के प्रति अपनी रुचि एवं प्रतिभा का परिचय दिया।

एकल वाचन प्रतियोगिता में कक्षा VII की अन्नपूर्णा ने प्रथम, कक्षा VIII के वैभव गौड़ ने द्वितीय तथा कक्षा VII की अवनीत कौर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

वहीं सामूहिक वाचन प्रतियोगिता में कक्षा VII के हर्षिता छात्रा समूह ने प्रथम, कक्षा VIII के मरियम छात्रा समूह ने द्वितीय तथा मयांशु छात्र समूह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. निवेदिता पाठक ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की साहित्यिक प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में भाषा-कौशल, प्रभावी अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास तथा साहित्यिक अभिरुचि के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति के मंत्री डॉ. नरेंद्र पारख ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि हिंदी केवल हमारी भाषा ही नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत की पहचान है। विद्यार्थियों को नियमित रूप से हिंदी साहित्य का अध्ययन एवं वाचन करना चाहिए तथा महान कवियों और साहित्यकारों की रचनाओं से प्रेरणा लेकर अपने विचारों को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन एवं रचनात्मक सोच का विकास करती हैं।

प्रतियोगिता के सफल आयोजन से विद्यार्थियों में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति उत्साह और रुचि में वृद्धि हुई तथा विद्यालय का वातावरण साहित्यिक अभिव्यक्ति एवं रचनात्मकता से सराबोर रहा।

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