36 साल बाद अजमेर निगम में कांग्रेस का परचम, दक्षिण में भाजपा धराशाही

अजमेर की सियासत में लंबे इंतजार के बाद एक नया राजनीतिक अध्याय लिखा जाने वाला है। 36 साल बाद अजमेर नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनने की मजबूत तस्वीर सामने आ रही है। शहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है और दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का परचम पिछले कुछ वर्षों से वर्तमान में ऊपर की ओर ही लहराता नजर आ रहा है।
इस बदलाव के पीछे *शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्री राजकुमार जयपाल जी का कुशल नेतृत्व महत्वपूर्ण माना जा रहा है।* उनके नेतृत्व में संगठन को मजबूती देने, कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और जमीनी स्तर तक कांग्रेस की आवाज पहुंचाने का प्रयास लगातार दिखाई दिया।
*वहीं धर्मेन्द्र राठौड़ जी की राजनीतिक नीति और रणनीति ने कांग्रेस को नई दिशा और ऊर्जा देने का काम किया।* संगठन के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय ने कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
इसके साथ ही दक्षिण से *विधायक प्रत्याशी द्रोपदी कोली जी के नेतृत्व में दक्षिण में कांग्रेस अत्यधिक मजबूत हुई है,जिसका उदहारण वर्तमान में बड़ी संख्या में दक्षिण से पार्षदो का जितना है* राजनीति के इस रण में सभी की अहम भूमिका रही है वही *महेंद्र सिंह रलावता जी, दक्षिण से हेमन्त भाटी जी और विजय जैन जी कांग्रेस के तमाम नेताओं एवं कार्यकर्ताओं* की एकजुटता ने इस चुनावी अभियान को मजबूती प्रदान की अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं ने मिलकर अपने-अपने स्तर पर जनता के बीच पहुंच बनाई और कांग्रेस के पक्ष में विश्वास का माहौल तैयार किया। अजमेर दक्षिण में जिस तरह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर मेहनत की, उससे भाजपा के मजबूत माने जाने वाले राजनीतिक समीकरणों को भी बड़ा झटका लगा है, *वही लगातार जीत दर्ज कराने वाले पार्षद सुनील केन 4 वोटों से जीते तो मोक्ष नोनिया सबसे कम 15 वोटों से हारे, वार्ड 46 से मोक्ष नोनिया ने चुनाव लड़ा वहां पूर्व में काँग्रेस पार्षद प्रत्याशी 1200 सो वोट से हारे उसे आंकड़े को नये चहरे ने 15 वोट के अंतर में समेट दिया।* राजनीति महाभारत में किसी ने कर्ण तो किसी ने अभिमन्यु तो किसी ने अर्जुन की भूमिका निभाई, यह केवल चुनावी जीत-हार का सवाल नहीं, बल्कि वर्षों से चले आ रहे राजनीतिक समीकरणों में बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है। *36 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद निगम में कांग्रेस बोर्ड बनने जा रहा है* अजमेर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए निश्चित रूप से ऐतिहासिक अवसर है। यह सफलता संगठन की एकजुटता, नेतृत्व की रणनीति और जमीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम होगी। लेकिन *आने वाले विधान सभा ओर सांसद के चुनावों में अजमेर में यही एकजुटता रही तो निश्चित ही अजमेर जीतेंगे ओर अजमेर जीतेंगे तो मैने पूर्व में भी कहा था फिर कह रहा हु अजमेर जितगे तो देश जीतेंगे*
अजमेर की जनता ने यदि कांग्रेस को अपना समर्थन दिया है, तो अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी शहर के विकास, स्वच्छता, यातायात, मूलभूत सुविधाओं और आमजन की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने की होगी।
आगे अजमेर काँग्रेस आने वाले चुनावों मे  निकाय चुनाव के मतभेदों को दूर कर सभी को साथ लेकर चलने ओर वर्षो पुराने भाजपा के किले को ढहा कर दोनों विधानसभा सीटे जिताकर आने वाले राजनीतिक महासंग्राम में अपनी विजय की आहुति देगी।
*आवाज-ए-कलम*
*अधिवक्ता के.सी.जोनवाल*

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