विठ्ठल दादा पड़े भारी

निगम में महापौर के सिंहासन पर इस बार *जय जिनेन्द्र या जय महेश नहीं तो फिर जय भीम या जय माताजी की रहेगी *गूंज

सुशील चौहान

भीलवाड़ा । विधानसभा चुनाव में अपनों के कारण तीसरे स्थान पर रहे पूर्व विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी यानी विट्ठल दादा नगर निगम चुनाव में अपने समर्थक पार्षदों को जीता कर पहली पायदान पर आ गए। जबकि कोठारी साब दूसरी पायदान तथा खुदको मेवाड़ का स्वयं भू मोदी समझने वाले जो अपने आपको काफी मजबूत रहे समझ थे। लुढ़क कर तीसरे स्थान पर पर ही अटक गए।जहां पूर्व विधायक विठ्ठल शंकर अवस्थी इन दोनों पर भारी रहे।
अब असली खींच-तान महापौर कुर्सी के लिए होगी। क्योंकि महापौर की सीट सामान्य की हैं। ऐसे में विट्ठल दादा अपने 18 पार्षदों की जीत के साथ सबसे ऊपर हैं। कोठारी साब जो काफी मशक्कत के बाद निगम चुनाव में भाजपा का दुपट्टा पहनने में कामयाब रहे,अपने 24में से 9 विजयी पार्षदों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं निगम चुनाव में सिरमौर बनने वाले स्वयं भूं मोदी कुल जमा तीन पार्षदों के साथ तीसरे स्थान पर ही रहे।
महापौर की रेस में अगर तूती बजी तो पिछले बोर्ड की तरह दादा अपने गुट की मेयर बनाकर जय जिनेन्द्र के नारे को मजबूती दे सकते हैं। अगर वैश्य समाज को तवज्जो देनी पड़ी तो फिर जय महेश भी गूंज सकता हैं। सामान्य वर्ग की महिला पर सहमति नहीं बनी तो सदन में जय भीम या जय माता दी का जयकारा भी गूंज सकता हैं।
मेवाड़ के स्वयं हूं मोदी चाहते थे उनके गुट की महापौर बने लेकिन उनके सभी दावेदार स्वयं भूं मोदी का राइट हेंड कहलाने वाले विनोद दुरानी अपनी पत्नी प्रीति झुरानी को जीता नहीं पाए । वही सुनीता कटारिया,शिखा अग्रवाल और सविता जोशी चुनाव हार कर मैदान से बाहर हो गई हैं। उनके खेमें की केवल सुमन ओझा बची है। भाजपा की परम्परा रही हैं जिसका नाम ज्यादा चलता वो नहीं बनता हैं।अब कोठारी साब और विचार परिवार की चली तो फिर ममता बाहेती पर दांव खेला जा सकता हैं।
अगर अन्य वर्ग से बनाना पड़े तो प्रेम देवी खोईवाल की लाटरी निकल सकती हैं।
जय जिनेन्द्र वालों को राजी रखना पड़े तो पूर्णिमा जैन भी महापौर कुर्सी रेस में शामिल हैं। अगर राजपूत समाज को जोड़े रखना है तो जसवंत कंवर, सीमा कंवर और मिथलेश कंवर भी महापौर की कुर्सी रेस की प्रतिभागियों में शामिल हैं।
अब देखना हैं कि कौन-कौन 21सितम्बर को इक्कीस पड़ती है।यह समय बताएगा।
सुशील चौहान
स्वतंत्र पत्रकार
पूर्व उप सम्पादक, राजस्थान पत्रिका, भीलवाड़ा
वरिष्ठ उपाध्यक्ष, प्रेस क्लब, भीलवाड़ा

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