वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित वर्द्धमान रूट्स स्कूल के प्ले ग्रुप में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों को महात्मा गांधी जी के जीवन, आदर्शों एवं उनके द्वारा दिए गए सत्य और अहिंसा के संदेश से सरल एवं रोचक तरीके से परिचित करवाया गया।
कार्यक्रम के दौरान एक नन्हा बच्चा महात्मा गांधी जी के वेश में सजकर आया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। शिक्षिका ने बच्चों को गांधी जी के सत्य, अहिंसा, प्रेम, सादगी एवं स्वच्छता के सिद्धांतों के बारे में बताया। बच्चों को समझाया गया कि हमें हमेशा सच बोलना चाहिए, किसी को दुख नहीं पहुंचाना चाहिए, सभी के साथ प्रेम एवं सम्मान से रहना चाहिए तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए।
बच्चों को गांधी जी के प्रसिद्ध संदेश “बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत बोलो” का अर्थ भी समझाया गया। गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अच्छे संस्कार, सद्भाव, शांति एवं मानवीय मूल्यों की सीख दी गई।
इस अवसर पर वर्द्धमान शिक्षण समिति के मंत्री डॉ. नरेंद्र पारख ने कहा कि महात्मा गांधी जी के आदर्श केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज भी हमारे जीवन को सही दिशा देने वाले मूल्य हैं। बच्चों को बचपन से ही सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, प्रेम और सद्भाव जैसे संस्कारों से जोड़ना आवश्यक है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में अच्छे संस्कार और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित करना भी है।
वहीं वर्द्धमान रूट्स स्कूल की प्रधानाचार्या श्वेता नाहर ने कहा कि बच्चों के लिए महात्मा गांधी जी के जीवन और उनके आदर्शों को समझना बेहद महत्वपूर्ण है। बचपन में दी गई सीख और संस्कार ही उनके व्यक्तित्व की नींव बनते हैं। हमारा प्रयास है कि बच्चों को शिक्षा के साथ सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, प्रेम और आपसी सम्मान जैसे मानवीय मूल्यों से भी जोड़ा जाए, ताकि वे एक अच्छे इंसान और जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित हों।
कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। गांधी जी के वेश में सजे नन्हे बच्चे ने आयोजन को विशेष रूप से आकर्षक बना दिया। इस अवसर पर बच्चों ने खेल-खेल में महात्मा गांधी जी के विचारों एवं जीवन मूल्यों को समझा तथा सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और सद्भाव का संदेश ग्रहण किया।