कांग्रेस ने उठाए सवाल—संपर्कों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक हो, मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए
*अजमेर।* एपस्टीन फाइल्स से जुड़े दस्तावेजों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की तस्वीर और कथित संपर्कों को लेकर उठ रहे सवालों पर अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल व प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि संबंधित संपर्कों की प्रकृति और उद्देश्य को लेकर पारदर्शी स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए। नैतिक जवाबदेही के आधार पर हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी इस मामले में सरकार का पक्ष स्पष्ट करने को कहा।
डॉ. जयपाल ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहले भी एपस्टीन फाइल्स से जुड़े मुद्दे पर सवाल उठा चुके हैं। अब सामने आए दस्तावेजों और तस्वीर को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि प्रमाणित तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए। जनता को यह जानने का अधिकार है कि संबंधित संपर्कों का वास्तविक संदर्भ क्या था और उपलब्ध रिकॉर्ड में दर्ज मुलाकातों तथा ईमेल के संबंध में क्या तथ्य सामने आए हैं।
### राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के सवालों पर सरकार जवाब दे
डॉ. जयपाल ने कहा कि राहुल गांधी, पवन खेड़ा और सुप्रिया श्रीनेत सहित कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में सवाल उठाए हैं। इन दावों की मूल दस्तावेजों के आधार पर पुष्टि होनी चाहिए। केंद्र सरकार स्पष्ट करे कि संबंधित तथ्यों की जांच के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और कानून के दायरे में कौन-सी जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी सार्वजनिक पद पर बैठा व्यक्ति जवाबदेही से परे नहीं है। यदि संबंधित संपर्क आधिकारिक या पेशेवर उद्देश्यों से हुए थे, तो उनका संदर्भ भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। किसी तस्वीर या संपर्क का सामने आना अपने-आप में अपराध का प्रमाण नहीं है, लेकिन उठे सवालों का तथ्यात्मक जवाब देना आवश्यक है।
### क्या हैं एपस्टीन फाइल्स?
जेफरी एपस्टीन अमेरिका का एक वित्तीय कारोबारी था, जिसे 2008 में यौन अपराध से जुड़े मामले में सजा हुई थी। वर्ष 2019 में उस पर नाबालिग लड़कियों की यौन तस्करी के गंभीर संघीय आरोप लगे। मुकदमे की सुनवाई से पहले हिरासत में उसकी मौत हो गई। उससे जुड़े मामलों की जांच और कानूनी कार्यवाही में सामने आए दस्तावेजों, ईमेल, संपर्कों तथा अन्य रिकॉर्ड को सामान्य तौर पर एपस्टीन फाइल्स कहा जाता है।
इन दस्तावेजों में किसी व्यक्ति का नाम, तस्वीर या संपर्क दर्ज होना अपने-आप में अपराध का प्रमाण नहीं है। हालांकि, संबंधित संपर्कों को लेकर सवाल उठने पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
### कांग्रेस की मांग—तथ्य सामने आएं, जवाबदेही तय हो
डॉ. राजकुमार जयपाल ने केंद्र सरकार से मांग की कि:
1. हरदीप सिंह पुरी अपने और एपस्टीन के बीच बताए गए संपर्कों की प्रकृति, उद्देश्य और समयावधि पर विस्तृत स्पष्टीकरण दें।
2. नैतिक जवाबदेही के आधार पर उनके इस्तीफे की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाए।
3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस मामले में सरकार का स्पष्ट पक्ष देश के सामने रखें।
4. उपलब्ध ईमेल, मुलाकातों और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
5. कानून के दायरे में आने वाले प्रमाणित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं और किसी अनियमितता की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
डॉ. जयपाल ने कहा कि देश को अटकलें नहीं, तथ्यों पर आधारित जवाब चाहिए। केंद्र सरकार को इस मामले में पारदर्शिता बरतते हुए उठाए गए सवालों का स्पष्ट उत्तर देना चाहिए। सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही सत्ता और विपक्ष, दोनों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है।
उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार संबंधित संपर्कों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे, प्रमाणित तथ्यों को सार्वजनिक करे और जांच में सामने आने वाले निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करे।
*जारीकर्ता:*
*शैलेश गुप्ता*
प्रवक्ता, अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी