टांटिया यूनिवर्सिटी में 16 विषयों में एमवीएससी शुरू

*16 नवंबर तक आवेदन, 25 नवंबर को प्रवेश परीक्षा; निजी क्षेत्र में पहला वेटरनरी पीजी होने का दावा*

श्रीगंगानगर, 6 अक्टूबर। टांटिया यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मास्टर ऑफ वेटरनरी साइंस (एमवीएससी) स्नातकोत्तर कार्यक्रम शुरू किया है। यह कार्यक्रम श्रीगंगानगर में विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सा विज्ञान संकाय के अंतर्गत संचालित वेटरनरी कॉलेज में चलेगा। विश्वविद्यालय का दावा है कि वेटरनरी साइंस में स्नातकोत्तर डिग्री कार्यक्रम शुरू करने वाला यह देश का पहला निजी विश्वविद्यालय है।

वेटरनरी कॉलेज के डीन डॉ. पीएस बराड़ ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सत्र 2026-27 के लिए 16 विषयों में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 16 नवंबर है, जबकि प्रवेश परीक्षा 25 नवंबर को आयोजित की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा में आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इन विषयों में प्रवेश दिया जाएगा: वेटरनरी एनाटॉमी, वेटरनरी फिजियोलॉजी, लाइवस्टॉक प्रोडक्शन मैनेजमेंट, वेटरनरी माइक्रोबायोलॉजी, वेटरनरी पैथोलॉजी, एनिमल जेनेटिक्स एंड ब्रीडिंग, एनिमल न्यूट्रिशन, वेटरनरी बायोकेमिस्ट्री, वेटरनरी फार्माकोलॉजी, वेटरनरी पब्लिक हेल्थ एंड एपिडेमियोलॉजी, वेटरनरी पैरासिटोलॉजी, लाइवस्टॉक प्रोडक्ट्स एंड टेक्नोलॉजी, वेटरनरी एंड एनिमल हसबैंड्री एक्सटेंशन एजुकेशन, वेटरनरी सर्जरी एंड रेडियोलॉजी, वेटरनरी मेडिसिन तथा वेटरनरी गायनेकोलॉजी एंड ऑब्स्टेट्रिक्स।

इस शुरुआत से पशु चिकित्सा स्नातक श्रीगंगानगर में ही उच्च शिक्षा और विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे। इन शाखाओं में स्नातकोत्तर अध्ययन से विद्यार्थियों को गहन अकादमिक ज्ञान विकसित करने का अवसर मिलेगा और पशु स्वास्थ्य, रोग निदान, उपचार तथा पशुपालन से जुड़े क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विकल्पों का विस्तार होगा।

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