अजमेर। आनासागर को भरने वाले नालों को अतिक्रमण मुक्त करने सम्बन्धी हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद लम्बे समय से सोई हुई नगर निगम की नींद आखिरकार जिला कलेक्टर द्वारा दी गई डेडलाइन के बाद शुक्रवार को टूट ही गई। शांतिपुरा में नाले के रास्ते में आ रहे निर्माणों पर निगम की जेसीबी ने कहर बरपाया, वहीं स्थानीय लोगो ने आरोप लगाया की निगम कार्यवाही में भेदभाव कर रहा है। लोगों ने आरोप लगाया की सड़क की भूमि पर बना मेयर कमल बाकोलिया का मकान निगम को क्यों नजर नहीं आता है और गरीबों के मकान क्यों ताश के पत्ते की तरह ढ़हा दिए जाते हैं।ज्ञातव्य है कि आनासागर के भराव क्षेत्र और उससे जुड़े नालों को अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए हाईकोर्ट द्वारा गठित एम्पावर्ड कमेटी 13 फरवरी को अजमेर आने वाली है। इस कमेटी द्वारा चिन्हित अवैध निर्माणों को लेकर लम्बे समय तक सुस्त रहने वाली नगर निगम के दस्ते ने फटकार के बाद आज अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू करते हुए शांतिपुरा इलाके में नाले से अतिक्रमण हटाये। कार्यवाही के दौरान स्थानीय नागरिकों ने विरोध भी किया, एक अतिक्रमी तो निगम की जेसीबी पर ही चढ़ गया लेकिन पर्याप्त पुलिस जाप्ते के चलते उस की एक नहीं चली, वहीं इसी इलाके में नाले के पास बने मंदिर को भी तोड़े जाने की संभावना के मद्देनजर हिंदूवादी संगठन भी सक्रिय हो गए। बाद में निगम अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही लोग शांत हुए।