ग्वालियर। अगर आप सांई बाबा के भक्त हैं तो आप उनसे धैर्य रखना भी सीख लीजिए। बाबा को भोग की थाली लगाने के लिए 7300 भक्त वेटिंग में हैं। अगर आप मंदिर में आज ही नंबर लगा दें तो भी बाबा के दरबार में आपको मई 2018 में ही मौका मिलेगा। विकास नगर में सन 1976 में स्थापित सांई बाबा का मंदिर पिछले कुछ सालों से भोग अर्पण प्रबंधन के लिए चर्चा में है। भोग अर्पण के लिए सांई भक्तों के नाम दानराशि लेकर रजिस्टर में दर्ज कर लिए जाते हैं। ट्रस्ट कार्यालय में इस समय भोग की थाली चढ़ाने के लिए 7300 भक्त कतार में हैं। 2018 तक बाबा को भोग इन्हीं भक्तों के नाम से लगेगा। नए लोग 2018 के बाद बाबा को प्रसाद अर्पण कर सकते हैं। सांई मंदिर में जिन भक्तों के नंबर भोग अर्पण के लिए आते-जाते हैं, उन्हें दो सप्ताह पहले पोस्टकार्ड भेजकर सूचना दी जाती है। न्यास भोग वाले दिन फोन करके भी संबंधित भक्त को मंदिर में बुलाता है। सांई दरबार में एक दिन में चार भक्तों के नाम से भोग की थाली का प्रसाद लगता है। दो भक्तों की ओर से सुबह 12 बजे और दो भक्तों की ओर से शाम को 6 बजे। इन भक्तगणों को थाली में रखा प्रसाद आरती के बाद प्रदान किया जाता है। भक्तगणों से भोग की थाली के लिए 201 रुपये की दान राशि ट्रस्ट कार्यालय में जमा कराई जाती है।