जयपुर। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री लालचंद कटारिया जयपुर के कालवाड़ थाने में अपनी ही सरकार के खिलाफ समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। कटारिया स्थानीय कांग्रेस नेता सुनील गौलाड़ा हत्याकांड में पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए रविवार रात धरने पर बैठ गए। समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने अपनी ही पार्टी की सरकार को मरी हुई बताते हुए कहा कि यहां कोई सुनने वाला नहीं है,पुलिस थानों में मनमानी हो रही है। पुलिस अपराधियों की मेहमाननवाजी करने में जुटी है। कटारिया ने एडीसीपी योगेश गोयल और कालवाड़ थाने के स्टाफ को हटाने की मांग रखी। मुख्यमंत्री और डीजीपी से मांगे मानने का आश्वासन मिलने के बाद देर रात धरने से उठे।
समर्थकों के साथ केन्द्रीय मंत्री के धरने पर बैठने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कटारिया को समझाने की कोशिश की, लेकिन नहीं माने। धरना उठाने के बाद कटारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक ने मांगे मानने का आश्वासन दिया है।
कटारिया द्वारा धरना दिए जाने को पार्टी में चल रही गुटबाजी और आंतरिक राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। कटारिया केन्द्रीय मंत्री डॉ.सी.पी.जोशी के निकट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विरोधी माने जाते है। वे समय-समय पर मुख्यमंत्री विरोधी मुहिम में शामिल भी रहे है।
कटारिया जयपुर देहात कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भी है। अपनी ही सरकार के खिलाफ थाने में धरने पर बैठने से राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इस मामले में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष चंद्रभान का कहना है कि मुख्यमंत्री से बात की जाएगी, जो भी मामला है उसका निपटारा होगा। धरने की सूचना पर आसपास के सैकड़ों गांवों के लोग वाहनों से धरना स्थल पर पहुंच गए। धरने में बैठे ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाए।
मंत्री कटारिया और ग्रामीणों ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाए कि ग्राम मांचवा में करीब ढाई वर्ष पूर्व निजी कॉलेज संचालक बंशीधर फगोडि़या हत्याकांड, हिंगोनियां में खटीक समाज के युवक हत्याकांड, फागी ब्लॉक अध्यक्ष रघुराज सिंह राजावत पर गोली से जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी तनवीर खां और अन्य अपराधियों को नहीं पकड़ने, किसानों के खेतों से चोरी हुए फव्वारा नोजल बरामद नहीं करने में पुलिस नाकाम रही है। उन्होंने इन कांडों के भी पर्दाफाश करने की मांग की है। कटारिया के साथ कांग्रेस के कई पदाधिकारी भी प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे।
चंपापुरा के मुकेश शर्मा और नाड़ी का फाटक निवासी विवेक जोशी द्वारा शेयर मार्केट में लगाए 25 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर चंपापुरा के ही रहने वाले सुनील गौलाड़ा की हत्या कर पुष्कर के पास टीले पर शव को पटक दिया था। शव पुलिस को छह दिन बाद शनिवार को मिला था। इससे पूर्व पुलिस ने मुकेश शर्मा को पूछताछ के लिए पकड़ लिया था, लेकिन जयपुर लाते वक्त चक्मा देकर फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने गिरफ्तार किया। रविवार को सुनील गौलाड़ा की तीये की बैठक में आए लालचंद कटारिया को मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने इस मामले में पुलिस द्वारा पर्याप्त सबूत नहीं लेने और मामले में लीपापोती करने के लिए कहा।
बैठक से उठने के बाद कटारिया, उप जिला प्रमुख नारायण कुलरिया, पूर्व सरपंच भीवाराम कालीरावणा सहित सैकड़ों ग्रामीण थाने पर पहुंचे और वहां पर मौजूद डीसीपी पश्चिम डॉ. रवि, एडीसीपी योगेश गोयल से हत्याकांड के मामले में जानकारी ली।
पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें संतुष्टि पूर्वक जानकारी नहीं देने पर कटारिया सैकड़ों ग्रामीणों के साथ पुलिस थाने के गेट पर धरने पर बैठ गए और एडीसीपी योगेश गोयल, कालवाड़ पुलिस थाने के पूरे स्टाफ को हटाने की मांग की।