नई दिल्ली । अरबपति बिल्डर व कारोबारी दीपक भारद्वाज हत्याकांड में वकील बलजीत सिंह सहरावत की भूमिका भी बहुत कुछ महाभारत के शकुनि की ही तरह थी। पुलिस के मुताबिक बलजीत ने भारद्वाज परिवार को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यह पहले दीपक भारद्वाज से जुड़ा और करोड़ों की दौलत कमाई। फिर उनके छोटे बेटे नितेश से जुड़ कर उसे भड़काने लगा। पिता-पुत्र से हुई बातचीत को बलजीत न केवल एक-दूसरे को बता देता था, बल्कि उन्हें भड़काने की भी कोशिश करता था। लेकिन उसकी इस चाल को न तो भारद्वाज और न ही नितेश व उसकी मां ही समझ पाई।
पुलिस अधिकारी का कहना है कि बलजीत पेशे से वकील है लेकिन भारद्वाज से जुड़ने के बाद इसने प्रापर्टी का काम शुरू कर दिया। यह पहले एयरपोर्ट के पास स्थित नांगली देवास गांव में रहता था। बाद में वसंतकुंज में फ्लैट खरीद लिया। बलजीत पहले भारद्वाज से जुड़ा और उन्हें कुछ प्रापर्टी डील भी कराई। जब भारद्वाज ने छोटे बेटे नितेश को अलग कर दिया, तब यह उससे जुड़ गया और जल्द विश्वास जीतने के लिए उसे भी कुछ प्रापर्टी डील करा दी।
बलजीत ने ही नितेश और उसकी पत्नी प्रियंका तिवारी के बीच तलाक करवाया था। बताया जाता है कि बलजीत बेहद शातिर दिमाग का है। वह नितेश से हुई सभी बातचीत को रिकार्ड कर लेता था ताकि बाद में नितेश को ब्लैकमेल किया जा सके। आशंका जताई जा रही है पिता की हत्या की डील भी जब नितेश ने की थी, तब इसने उनकी बातचीत रिकार्ड कर ली होगी।
बलजीत का परिचय डेढ़ साल पहले महंत स्वामी प्रतिमानंद से हुआ था। दोनों में जल्दी घनिष्ठता हो गई थी। दीपक का बड़ा बेटा हितेश नितेश कुंज फार्म में स्थित होटल, लोन व अन्य कारोबार का लीगल काम देखता था, जिससे उन्हें 80 हजार रुपये मासिक तनख्वाह मिलती है। वह वसंत विहार में परिवार के साथ रहता है।
नितेश व दीपक की पत्नी रमेश कुमारी द्वारका सेक्टर-7 में स्थित शिक्षा भारती स्कूल को चलाते थे। इसके बदले भारद्वाज उन्हें 30 हजार रुपये मासिक देते थे। लेकिन इससे मां-बेटे का गुजारा नहीं चल पाता था। पुलिस का यह भी कहना है कि भारद्वाज ने शादी के कुछ साल बाद से ही पत्नी रमेश कुमारी को तंग करना व मार-पिटाई शुरू कर दी थी।
भारद्वाज अक्सर महिला मित्रों को घर लाते थे जिससे पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता था। पिछले कुछ महीने से भारद्वाज ने नितेश व पत्नी को बहुत ज्यादा टार्चर करना शुरू कर दिया था। वह स्कूल से भी दोनों को हटाना चाह रहे थे। पत्नी से तलाक लेना चाह रहे थे। नितेश कुंज फार्म हाउस आने से मना कर दिया था। इन सब कारणों से परेशान होकर नितेश ने जब बलजीत से संपर्क किया तो उसने उसकी परेशानी दूर करने के बजाया सुझाव दे डाला कि वह पिता की हत्या करवा दे।