रेप मामले पर यूपी सरकार को नोटिस जारी

supreem courtनई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुलंदशहर में उत्तर पुलिस द्वारा रेप की शिकार किशोरी को लॉकअप में रखने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर जवाब दायर करने को कहा है। इस मामले में नेशनल लीगल सर्विस अथॉरटी ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश की।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में ऑथरटी को पत्र लिखकर अपनी रिपोर्ट देने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट अनीता शिनोए से भी मदद करने को कहा है। गौरतलब है कि बुलंदशहर में 10 साल की रेप पीड़ित बच्ची की रिपोर्ट दर्ज करके आरोपियों को गिरफ्तार करना तो दूर, पुलिसवालों ने उस मासूम को ही हवालात में बंद कर दिया। घटना नगर कोतवाली की थी। यह घटना आठ अप्रैल की है।

मीरपुर में रहने वाली 10 साल की दलित बच्ची रविवार शाम शौच के लिए खेतों में गई थी। आरोप है कि गांव के एक दंबग ने गन पॉइंट पर उसे अगवा कर रात भर बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। अगले दिन सुबह बच्ची बदहवास अपने घर पहुंची। लड़की की हालत देखकर गांव वाले पीड़िता के घर पर इकट्ठे होने लगे। गांव वालों ने पुलिस को खबर दी, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। गुस्साए लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। जब बच्ची की हालत खराब होने लगी तो मजबूरन उसकी मां उसे लेकर नगर कोतवाली पहुंची। बच्ची ने थाने में आपबीती सुनाई, लेकिन पुलिस ने उसकी मां को वहां से भगाकर इस बच्ची को हवालात में डाल दिया।

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