मेरठ । खूंखार अपराधी को भी सजा देने की बाबत कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है, लेकिन आज शहर में पब्लिक और पुलिस दोनों ने खुलेआम कानून की धज्जियां ही नहीं उड़ाई, बल्कि हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। मामला चिंताजनक और गौरतलब इसलिए भी है कि इस दरिंदगी का शिकार एक महिला हुई।
शताब्दी नगर के सेक्टर एक में दो घंटे तक पुलिस और पब्लिक ने बीच सड़क पर एक महिला को जमकर पीटा। इस दौरान उस पर बेहिसाब लात-घूसे बरसाए गए। बाल पकड़कर घसीटा। एक दो इंसानीपंसद लोगों की बेबस निगाहें इस मंजर पर तमाशबीन बनी रही। महिला पर सिर्फ यह आरोप है कि वह अपने घर में गलत काम कराती है।
परतापुर पुलिस और शताब्दी नगर सेक्टर एक के लोगों की दबंगई देखिए। यहां पर रहने वाली महिला के घर में एक महिला व दो लड़कियां एक साथ किराए पर रह रहीं थीं। पड़ोस के लोगों का आरोप है कि यहां रात और दिन लोगों का आना जाना लगा रहता है। शुक्रवार को मोहल्ले के लोग एकत्र हो गए। और मकान मालकिन को घर के अंदर से बाहर निकाल कर पीटा। यही नहीं बाल पकड़कर सरेराह खींचा गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी लोगों के साथ मिलकर महिला को खींचना शुरू कर दिया। इस दौरान सैकड़ों लोग तमाशबीन बने रहे। हंगामे के बाद पुलिस ने मकान मालकिन व वहां रह रहीं पल्ला, गोलाबड़ और कंकरखेड़ा निवासी एक महिला व दो लड़कियों को हिरासत में ले लिया और थाने लग गए। बाद में इन सभी के खिलाफ अश्लील हरकतों आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
इस पूरे घटनाक्रम के बारे में जब एसपी सिटी ओम प्रकाश से बात की गई तो उनका बयान भी काफी अटपटा था। उनका कहना था कि पब्लिक वाले कुछ भी कर सकते हैं, यदि पुरुष सिपाही महिलाओं को खींच रहे थे तो गलत हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी। पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई भी की जाएगी।