जम्मू [विवेक सिंह]। उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से हुई तबाही से सबक लेते हुए अठाइस जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा में इस बार और ज्यादा पुख्ता प्रबंध होंगे। जम्मू-कश्मीर सरकार, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और प्रशासन मिलकर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। राज्यपाल और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन एनएन वोहरा ने शुक्रवार को आधार शिविर चंदनवाड़ी और नुनवान का पैदल दौराकर अमरनाथ यात्रा प्रबंधों का जायजा लिया।
उन्होंने यात्रा से जुड़े सभी विभागों व एजेंसियों को निर्देश दिया कि 26 जून तक हर हाल में सब तैयारियां पूरी कर ली जाएं। करीब दो माह तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के दौरान किसी भी आपदा से निपटने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के बचाव दलों के साथ स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स और दिल्ली से आई नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स की बटालियन ने विशेष नीति बनाई है।
इसके तहत सेना और सुरक्षाबल भी अपने तौर पर बचाव का पूरा बंदोबस्त करेंगे। नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स की टीमों ने पहलगाम में डेरा डाल लिया है। इस टीम में ऊंचे पर्वतीय इलाकों में राहत अभियान चलाने में खासा अनुभव रखने वाले इंडो तिब्बत बार्डर पुलिस के जवान भी शामिल हैं। बचाव दल 25 जून से अपने निधार्रित स्थानों पर डेरा डाल लेंगे। पुलिस के पर्वतारोहियों की आठ टीमों के प्रभारी इंस्पेक्टर राम सिंह ने बताया कि उत्तराखंड में मौसम के कहर को देखते हुए यात्रा की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
श्रीनगर में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसएम सहाय की अध्यक्षता में हुई बैठक में उत्तरखंड त्रासदी को ध्यान में रखते हुए अमरनाथ यात्रा के सभी पहलुओं पर गौर किया गया।