अजमेर। समय के साथ हर चीज में बदलाव प्रकृति का नियम है। वही इस नियम से व्यापार भी अछुता नही। दीपो का त्यौहार दीवाली हो या ईद या फिर शादी समारोह अब हर मौके पर रेडीमेंड कपडो की खरीददारी का चलन बढ गया है। पहले की तरह महीनांे पहले से ही दर्जीयो के यहां कपडे सिलवाले का प्रचलन धीरे धीरे कम होता जा रहा है। बाजारो में त्यौहार के मौके पर बच्चेा और युवाओ के लिए कलरफुल ड्रेस मेटेरियल वो भी सिला सिलाया तैयार मिल जाए तो कपडा खरीद कर सिलवाना किसे भाता है। यही वजह है कि पुराने वक्त से चली आ रही टेलर की दुकाने आज भी उसी रूप में है जो दो दशक पहले हुआ करती थी। दर्जी का काम कर रहे लोग भी यह मानते है कि अब रेडीमेड का चलन बढ गया है। पहले के लोग त्यौहार और शादीयो के कई कई दिन पहले ही टेलर की दुकान पर कपडा लाकर अपनी मन पसंद डिजाईन के कपडे सिलवाते थे, लेकिन मौजूदा दौर में रेडीमेड कपडो की दुकानो की भरमार है। वही हर वैराईटी और वाजिब दामो पर सिले सिलाए कपडे खरीदने का चलन भी बढ गया है। इसी के चलते बाजारो में रेडीमेड कपडो की दुकानो पर भीड पड रही है। वही टेलर की दुकाने ग्राहको का इंतजार कर रही है।