
अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के प्रशासक और जिला कलेक्टर भवानी सिंह देथा ने कहा है कि बोर्ड अपने कार्याे को मात्र परीक्षा आयोजन तक ही सीमित न रखे, अपितु अपने से सम्बद्ध प्रत्येक विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास की रूपरेखा तैयार करे। बोर्ड विद्यार्थी के लिये मार्गदर्शक का कार्य करे तथा उन्हें भावी जीवन के लिये मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की योजना भी तैयार करें। बोर्ड ने केन्द्रीय हेल्प लाईन व्यवस्था के माध्यम से परीक्षार्थियों की समस्याओं के त्वरित निवारण की पहल की है उसमें परीक्षाथिर्यांे को भावी योजनाओं के लिये मार्गदर्शन हेतु कैरियर कांउसलिंग की व्यवस्था को भी शामिल करने की संभावनाऐं तलाशी जाये।
श्री देथा शनिवार को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में अधिकारियों से बोर्ड की वार्षिक योजनाओं की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होनंे कहा कि बोर्ड अधिकारी छोटी उम्र के विद्यार्थियों को केन्द्र बिन्दु मानकर अपनी कार्य योजना तैयार करे, जो केवल परीक्षा आयोजन तक सीमित न रखकर उनके भावी जीवन की दिशा निर्धारण में एक सार्थक भूमिका निभा सके। इसके लिये आवश्यक है कि बोर्ड स्तर पर इस तरह की पहल की जाये कि विद्यार्थी को दसवीं परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद किस क्षेत्र में जाना है, इस संबंध में उन्हें किसी विशेष विशेषज्ञ से बोर्ड स्तर पर कैरियर काउंसलर द्वारा मार्गदर्शन मिले और बारहवीं पास करके रोजगार की संभावना वाले क्षेत्रों का ज्ञान भी कैरियर काउंसलर के द्वारा उपलब्ध हो। क्यांेकि राजस्थान बोर्ड से जुड़े अधिकांश परीक्षार्थी मध्यम परिवार के है, इसलिये कैरियर काउंसलर की सुविधा सहज सुलभ नहीं हो पाती।
उन्होंने केन्द्रीय सहायता केन्द्र पर ई-मेल के माध्यम और दूरभाष से आने वाले शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु अधिकारियों को निर्देशित करते कहा कि इसकी नियमित मोनिटरिंग की जाये और विद्यार्थिर्याें व शिक्षकों की सुविधा के लिये इस केन्द्र पर टोल फ्री नम्बर से जोड़ा जाये।
उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्द्धा के इस युग में सही और पारदर्शी मूल्यांकन होना आवश्यक है। इस संबंध में बोर्ड अधिकारियों के गुजरात माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मूल्यांकन पद्धति के अध्ययन की रिपोर्ट अनुसार राजस्थान के परिपेक्ष्य में लागू करने की संभावनाओं पर मंथन किया जाये।
उन्होंने अधिकारियों से बोर्ड के बजट का विश्लेषण करते हुए कहा कि शैक्षणिक उन्नयन और परीक्षा मूल्यांकन के सुधार के लिये जिन विभागों ने गत वर्ष आवंटित बजट का उपयोग नहीं किया उन विभागाध्यक्षों से स्पष्टीकरण लिया जाये। उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति की सूचना सही समय पर संबंधित विद्यार्थी तक पहंुचे और छात्रवृत्ति की राशि भी समय रहते विद्यार्थी को मिले यह सुनिश्चित करना भी अधिकारियों की महत्ती जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बोर्ड का कार्य एक समयबद्ध कार्यक्रम है इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
श्री देथा ने बोर्ड से संबंधित मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि रीट, बोर्ड पुस्तकों का अंग्रेजी अनुवाद और राज्य विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा के आयोजन की तैयारियों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाये। उन्होंने बोर्ड के आन्तरिक कार्याे को कम्प्यूटरीकृत करने और कार्य प्रणाली को इस प्रकार विकसित करने पर जोर दिया ताकि राजस्थान बोर्ड दक्ष संस्थानों की श्रेणी के लिये दिये जाने वाला आई.एस.ओ. 9002 प्रमाण पत्र सहजता से हासिल करने के लिये पात्र हो जाये। इसके लिये बोर्ड कार्मिकों को अपनी कार्य प्रणाली व्यापक सुधार करना होगा।
उन्होंने सम्पूर्ण मान्यता विभाग के कार्याे को कम्प्यूटरीकृत करने और पिछले तीन वर्षाे में जयपुर व अजमेर के नवनिर्मित भवनों के सार्थक उपयोग हेतु कार्य योजना बनाने के भी निर्देश दिये। बैठक में सचिव श्रीमती प्रिया भार्गव, वित्तीय सलाहकार अमृत दवे, निदेशक-गोपनीय जी. के. माथुर, उप निदेशक कमल गर्ग, शिवशंकर अग्रवाल, राजेन्द्र गुप्ता और ए.सी.पी. आर. के. भट्ट आदि उपस्थित थे।
-राजेन्द्र गुप्ता, उप निदेशक (जनसम्पर्क)