एकेएच में तीन बच्चों को लगाए अवधिपार इंजेक्शन

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शुक्रवार को डिजोल किया गया इंजेक्शन कुछ नौनिहालों को लगाया गया। (गोले में) बैच नंबर, बनाने की तारीख और समाप्ति की अवधि। जो अगस्त को समाप्त हो गई।
शुक्रवार को डिजोल किया गया इंजेक्शन कुछ नौनिहालों को लगाया गया। (गोले में) बैच नंबर, बनाने की तारीख और समाप्ति की अवधि। जो अगस्त को समाप्त हो गई।

ब्यावर, (हेमन्त साहू)। शहर के राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में संयुक्त निदेशक के दौरे के बावजूद अवधि पार दवाओं का इस्तेमाल चल रहा है। चिकित्सालय के पीडियाट्रिक वार्ड में शुक्रवार को तीन बच्चों को अवधिपार इंजेक्शन लगा दिए गए। अब भी वार्ड में दवाओं के स्टॉक में ये इंजेक्शन मौजूद हैं। इससे पूर्व अस्पताल के गाइनी वार्ड में अवधिपार इंजेक्शन मिले थे। राजकीय अमृतकौर अस्पताल के बच्चों के वार्ड में बच्चों को लगाए जाने वाले एंटीबायोटिक इंजेक्शन सिफ्टाडीजिन इंजेक्शन आईपी 1 ग्राम का स्टॉक वार्ड की अलमारी में रखा है। बच्चों को सर्दी, जुकाम, वायरल या अन्य बीमारियों में ये इंजेक्शन लगाए जाते हैं। बीमारियों के कारण होने वाले इंफेक्शन को रोकने के लिए ये इंजेक्शन बच्चों को लगाए जाते हैं। लेकिन पीडियाट्रिक वार्ड में शुक्रवार तक बच्चों को लगाए जा रहे सिफ्टाडीजिन इंजेक्शन की अवधि दो माह पूर्व ही समाप्त हो चुकी है। वार्ड में रखे सिफ्टाडीजिन इंजेक्शन बैच नंबर बी 2224 की निर्माण तिथि सितंबर 2012 है और समाप्ति (अवसान) तिथि अगस्त 2014 है। जिसके अनुसार इन इंजेक्शन की अवधि दो माह पूर्व ही समाप्त हो चुकी है।
गौरतलब है कि पिछले महीने ही अस्पताल में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की जॉइंट डायरेक्टर डॉ. मधु विजयवर्गीय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह सिसोदिया और विधायक शंकर सिंह रावत ने खुद अस्पताल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान विधायक रावत ने अस्पताल में अव्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए इसे सुधारने के निर्देश दिए।
चिकित्सको के अनुसार बच्चों में बीमारियों से लडऩे की क्षमता अच्छी होती है लेकिन बुखार, वाइरल समेत अन्य संक्रामक बीमारियों से ग्रसित बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में ये अवधि पार इंजेक्शन बच्चों की जान जोखिम में डाल सकते हैं।

इन्होने कहा:– दवा या इंजेक्शन एक्सपायरी मंथ के लास्ट तक मरीजों को लगाए जा सकते हैं। अवधि पार इंजेक्शन लगाने से मरीजों को कोई ज्यादा नुकसान नहीं होता लेकिन उसकी पॉवर कम हो जाती है। अवधि पार दवाओं के लिए एक्सपायरी रजिस्टर में उसका इंद्राज कर स्टोर में जमा करवाने चाहिए।
-डॉ.के के चौहान, डिप्टीकंट्रोलर, राजकीय अमृतकौर अस्पताल

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