राष्ट्रीय धरोहर घोषित हो गंगा-रमेश भाई ओझा

_DSC0618-सुमित सारस्वत- ब्यावर, 13 दिसंबर। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पूज्य रमेश भाई ओझा ने कहा कि गंगा पवित्र नदी है। गंगा सभ्यता, संस्कृति व भारत का जीवन है। भारतवर्ष में गंगा को मां कहकर पुकारा जाता है। गंगा को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाना चाहिए। वे यहां जिंदल आवास पर पत्रकारों से संवाद कर रहे थे।
श्रीमद् भागवत कथा के लिए ब्यावर पधारे भाईश्री ने कहा कि गंगा को अविरल बहने दिया जाए। गंगा को बचाने में सरकारी तंत्र फेल रहा है। कानून का पालन नहीं किया जा रहा है। जिम्मेदार लोगों की कमजोरी व अनदेखी के कारण गंगा मैली हो रही है। तीर्थों को गंदा करना पाप की श्रेणी में आता है। उन्होंने जल समाधि की परंपरा समाप्त करने पर भी जोर दिया। भाईश्री ने गाय की दुर्दशा के लिए आमजन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मनुष्य गौ माता का पालन नहीं कर रहा है। पुरातन में पूजनीय गाय आज दयनीय हो गई है। सरकारें भी गाय की सुरक्षा के लिए सख्त कानून नहीं बना रही है। उन्होंने संसद में गौ हत्या रोकने संबंधी बिल पास नहीं होने पर भी चिंता जताई। भाईश्री ने गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने पर जोर देते हुए कहा कि गीता योग शास्त्र है। यह विश्व ग्रंथ है। सभी धर्मों के लोग इस ग्रंथ का सम्मान करते हैं। इस दौरान माणकचंद जिंदल, विमल भाई, हार्दिक भाई, रमेश बंसल, श्यामसुंदर जिंदल, महेंद्र सलेमाबादी, ासुमित सारस्वत, आलोक गुप्ता, कमल जिंदल, नितेश जिंदल, गोपाल शर्मा भी मौजूद थे।

चिंता व चिंतन का विषय धर्म
महाराजश्री ने कहा कि संत व्याभिचारी हो रहे हैं। कुछ लोगों के बुरे आचरण से संत समाज की छवि खराब हो रही है। धर्म जगत चिंता और चिंतन का विषय बन गया है। संत अपनी आत्मा शुद्ध रखे और अनुशासित रहे। उन्होंने न्याय व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। भाईश्री ने कहा कि देरी से मिला न्याय अन्याय के समान है। न्यायपालिका की व्यवस्था में सुधार होना चाहिए।

राजनीति में सक्रिय हो धर्म
भाईश्री ने कहा कि राजनीति में धर्म भले ही हो मगर धर्म में राजनीति कभी नहीं होनी चाहिए। धर्म के लोगों को सक्रिय राजनीति में प्रवेश करना चाहिए। अगर राजनीति में धार्मिक विचार वाले लोग जाएंगे तो शायद भारतवर्ष को पुन: विश्वगुरु का दर्जा हासिल हो सकता है। संतश्री ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान एक अच्छी पहल है। आमजन को इसमें भागीदार बनना चाहिए। जब बाहरी वातावरण स्वच्छ होगा तो इंसान के भीतर का मन भी पवित्र हो जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले 10-15 साल में भारत बदलकर एक अद्भुत देश बन जाएगा।

प्रजातंत्र की सरकार है प्रेस
भाईश्री ने लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका को खास बताया। उन्होंने कहा कि प्रात:काल से सायंकाल तक संपूर्ण जीवन में मीडिया की अहम भूमिका है। पत्रकार पुण्य का कार्य कर रहे हैं। पत्रकार की लेखनी समाज में बदलाव लाती है। महाराज ने प्रेस को प्रजातंत्र की सरकार बताया। उन्होंने कहा कि पत्रकार, कथाकार व साहित्यकार क्रमश: सत्यम शिवम सुंदरम के समान है।

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