हेरीटेज व स्मार्ट सिटी के लिए जन प्रतिनिधियों ने दिये सुझाव
अजमेर। संभागीय आयुक्त डॉ. धर्मेन्द्र भटनागर ने कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण योजना की सफलता के लिए जरूरी है कि उसमें स्थानीय नागरिकों व जन प्रतिनिधियों का सक्रिय व सकारात्मक जुडाव शामिल हो। उन्होंने हेरीटेज व स्मार्ट सिटी के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग व सुझाव देने का आह्वान किया।
संभागीय आयुक्त डॉ. भटनागर ने शनिवार को संभागीय आयुक्त कार्यालय में हेरीटेज व स्मार्ट सिटी सहित अजमेर विकास प्राधिकरण के कामकाज में गतिशीलता लाने के लिए क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों से चर्चा की। उन्होंने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण शहर और खासकर अजमेर जैसे ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर वाले शहर के विकास के लिए यह जरूरी है कि शहर साफ- सुथरा और सुनियोजित हो।
संभागीय आयुक्त ने कहा कि हाल ही हमने स्वच्छता सप्ताह मनाया है लेकिन स्वच्छता की इस आदत को धीमे नहीं पडने देना है। इसमें और ज्यादा गतिशीलता लानी चाहिए। हेरीटेज सिटी के लिए करीब 1332 करोड़ रूपये की डीपीआर बना कर भेजी गई है। स्मार्ट सिटी के लिए विभिन्न समूहों तथा समाज के प्रबुद्घ लोगों से चर्चा की जा रही है।
डॉ. भटनागर ने कहा कि अजमेर में सरकारी विभाग, स्कूल, बैंक, मंदिर, अस्पताल तथा उचित मूल्यों की दुकानों सहित करीब एक हजार संस्थान ऐसे हैं जो स्वच्छता मिशन में सक्रिय सहयोग कर सकते हैं। इन सभी से अपने परिसरों की सफाई करने तथा कचरा पात्र रखने का आग्रह किया गया है। बैंक ऑफ बडौदा ने तो अनुकरणीय पहल करते हुए अपने सभी परिसरों की सफाई करा वहां कचरा पात्र भी रखवा दिए हैं।
संभागीय आयुक्त ने अजमेर विकास प्राधिकरण क्षेत्र की विकास योजनाओं पर चर्चा करते हुए उपखण्ड एवं विकास अधिकारियों तथा तहसीलदारों को निर्देश दिए कि योजना क्षेत्र का विशेष ध्यान रखे। अतिक्रमण एवं सरकारी सम्पति पर कब्जे आदि के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्यवाही करें।
बैठक को सम्बोधित करते हुए पूर्व महापौर श्री धर्मेन्द्र गहलोत ने सुझाव दिया कि स्वच्छता आंदोलन को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर मन का आंदोलन तो बना दिया गया है अब इसे जन का आंदोलन बनाने के लिए हम सभी को जुटना होगा। कचरे के निस्तारण में सबसे बड़ी बाधा कचरे के उठाव एवं डम्पिंग की है।
श्री गहलोत ने कहा कि अजमेर नगर निगम एवं अजमेर विकास प्राधिकरण के क्षेत्राधिकार में आने वाली रिहायशी बस्तियों में घर-घर कचरा एकत्रीकरण करवा तथा इस कचरे को ट्रेंचिंग ग्राउण्ड पहुंचाने की पुख्ता व्यवस्था की जाए तो इस समस्या का निदान सम्भव है। इसी तरह एडीए की कॉलोनियोंं में खाली पड़े प्लाटों पर कचरा इकठ्ठा नहीं होने दिया जाए। सभी सरकारी विभाग वर्तमान की बजाय आगामी 40 वर्षाें की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का निर्माण करें।
नगर सुधार न्यास के पूर्व अध्यक्ष श्री नरेश शाहनी ने कहा कि अजमेर धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से एक समृद्घ शहर है। अजमेर की अर्थव्यवस्था में बड़ा हिस्सा धार्मिक पर्यटन का है। स्मार्ट सिटी के लिए स्वच्छता बेहद आवश्यक है और इसके विशेष इंतजाम किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास की योजनाओं को निरन्तर रखा जाए तो बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं।
नगर सुधार न्यास के पूर्व अध्यक्ष श्री धर्मेश जैन ने सुझाव दिया कि शहर के विकास के लिए अब तक जितनी भी डीपीआर बनाई गई है उन सभी पर नए सिरे से कार्यवाही शुरू की जाए। अजमेर शहर में प्रवेश करने वाली सभी प्रमुख सड़कों सहित शहर की मुख्य 22 सड़कों का विकास प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। मास्टर प्लान को शीघ्र तैयार करवाकर सख्ती से लागू किया जाए।
श्री जैन ने कहा कि अजमेर में आनासागर में वाटर स्पोर्टस की बेहतर संभावना है। इसके लिए गम्भीरता से प्रयास किये जाए तो पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने फॉयसागर को रिजर्व वाटर टैंक के रूप में विकसित करने, आनासागर के चारों तरफ पाथ-वे बनाने, दीपक नगर योजना को पुन: शुरू करने सहित अन्य महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
उप जिला प्रमुख श्री ताराचन्द रावत ने कहा कि अजमेर विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में शामिल किए गए 119 गांवों के काम काज में परेशानी आ रही है। इनका कार्य सुधारा जाए तथा इन गांवों में आबादी पट्टा व आबादी विस्तार से संबंधित कार्यों में तेजी लायी जाए।
किशनगढ़ नगर परिषद की सभापति श्रीमती गुणमाला पाटनी ने कहा कि किशनगढ की आबादी विस्तार के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण शीघ्र नई आवासीय योजना शुरू करें ताकि किशनगढ़ क्षेत्र के लोगों को भूखण्ड आवंटित हो सके। उन्होंने पुलिस ट्रेनिंग सेन्टर के पास अतिक्रमण मुक्त करायी गई भूमि का भी विकास, पार्क विकास, यातायात व्यवस्था में सुधार तथा अन्य कार्याें के सुझाव दिए।
संभागीय आयुक्त ने अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय को निर्देश दिए कि किशनगढ़ के विकास के लिए उपखण्ड अधिकारी की अध्यक्षता में समिति बना कर विकास की योजना तैयार की जाए। पीसंागन प्रधान श्रीमती कमलेश कंवर पोकरणा ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
बैठक में अजमेर नगर निगम के महापौर श्री कमल बाकोलिया ने कहा कि सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए वृहद स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। कचरा परिवहन व्यवस्था को सरल बनाने के लिए शहर में एक और ट्रेंचिंग ग्राउण्ड शहर के उत्तरी क्षेत्र में विकसित किया जाना चाहिए। कचरा परिवहन के लिए जिस भी फर्म को ठेका दिया जाए उसके कान्ट्रेक्ट का हिन्दी रूपान्तरण भी संबंधित अधिकारी व जन प्रतिनिधि को उपलब्ध कराया जाए। नये नक्शे स्वीकृत करने के लिए नगर निगम व अजमेर विकास प्राधिकरण आपसी समन्वय से कार्य करें।
बैठक के दौरान उद्यान विभाग के सहायक निदेशक श्री संजय तनेजा ने वेजीटेबल इनिशिएटिव फॉर अर्बन क्लस्टर योजना की जानकारी दी। बैठक में अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त श्रीमती स्नेहलता पंवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।