अजमेर जिले के बीर शिविर में बीस साल बाद खुला नामान्तरकरण

अजमेर जिले के  केकड़ी उपखण्ड की ग्राम पंचायत लसाडिया में आयोजित न्याय आपके द्वार शिविर में लसाडि़या ग्राम निवासी लादू का आपसी सहमति से बटवारा करते हुए अतिरिक्त  कलक्टर बी.एल.मीणा।
अजमेर जिले के केकड़ी उपखण्ड की ग्राम पंचायत लसाडिया में आयोजित न्याय आपके द्वार शिविर में लसाडि़या ग्राम निवासी लादू का आपसी सहमति से बटवारा करते हुए अतिरिक्त कलक्टर बी.एल.मीणा।

अजमेर 18 मई। अजमेर जिले के बीर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर राजस्व  लोक अदालत अभियान के तहत आज आयोजित “न्याय आपके द्वार“   शिविर में एक काश्तकार नाहरा का बीस वर्ष पश्चात नामान्तरकरण खुला ।

जिला कलक्टर डाॅ. आरूषी मलिक व अतिरिक्त कलक्टर श्री किशोर कुमार की उपस्थिति में अजमेर उपखण्ड अधिकारी श्री संजय माथुर ने बीर निवासी नाहरा पुत्रा हीरा रावत के पक्ष में एक बीघा 3 बिस्वा भूमि का नामान्तरकरण खुलवाकर जमाबंदी में इसका इन्द्राज कराया।
शिविर में नाहरा ने उपखण्ड अधिकारी के सम्मुख उपस्थित होकर बताया कि बीर के ही भंवरा पुत्रा उगमा रावत से उसने बीस वर्ष पूर्व जमीन खरीदी परन्तु पिछले कई शिविर में आने के बाद भी उसके नाम का नामान्तरकरण नहीं खुला । उपखण्ड अधिकारी ने भंवरा पुत्रा उगमा रावत जो कि स्वयं शिविर में मौजूद था द्वारा सहमति देने पर तत्काल नाहरा के पक्ष में एक बीघा 3 बिस्वा जमीन का नामान्तरकरण खुलवाकर जमाबंदी में उसका इन्द्राज कराया।  नाहरा को बीस साल बाद खरीदी गई जमीन अपने नाम राजस्व रेकार्ड में चढ़ने पर अत्यधिक खुशी हुई।
फोटो कैप्शन
अजमेर जिले के बीर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित न्याय आपके द्वार शिविर में बीस वर्ष बाद नामान्तरकरण खुलने पर नाहरा की खुशी का ठिकाना नही रहा । सरपंच माला पहनाकर नाहरा का सम्मान करते हुए।
घर बैठ्यां गंगा तो आज आई है 
अजमेर 18 मई। अजमेर जिले के केकड़ी उपखण्ड की ग्राम पंचायत लसाडि़या मुख्यालय पर राजस्व  लोक अदालत अभियान के तहत आज आयोजित “न्याय आपके द्वार“   शिविर में एक काश्तकार लादू ने कहा कि “घर बैठ्यां गंगा तो आज आई है “ ।
लसाडि़या निवासी लादू पुत्रा सुगना ने आज अपने दो अन्य भाईयों छीतर व छोगा के साथ शिविर में मौजूद होकर अतिरिक्त कलक्टर बी.एल.मीणा व उपखण्ड अधिकारी जगदीश नारायण बैरवा से अनुरोध किया कि उसके दादा की जमीन अब सब भाईयों के नाम होनी है और शिविर में सभी भाई मौजूद है। सभी ने सहमति देकर अपने दादा की जमीन अपने पिता सुगना माली की मृत्यु के बाद सभी भाईयों के नाम बराबर राजस्व रेकार्ड में करने के लिए प्रार्थना पत्रा दिया । उपखण्ड अधिकारी ने सहमति के आधार पर बंटवारा करके जमीन लादू, छीतर व छोगा पुत्रा सुगना माली के नाम राजस्व रेकार्ड में चढायी और नामान्तरकरण खोला। लादू ने शिविर में कहा कि दादा की सूरत तो नही देखी लेकिन आज उनकी जमीन सभी भाईयों के नाम हो गई । आज पता लगा कि “घर बैठ्यां गंगा तो आज आई है “ ।
लसाडि़या निवासी जुवारा माली के एक ही पुत्रा सुगना माली था जिसके तीन पुत्रा लादू, छीतर व छोगा माली है। इन तीनों के नाम 32 बीघा जमीन बराबर हिस्से में जमाबंदी में चढ़ाकर नामान्तरकरण खोला गया।
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