लोक कला संस्थान की और से सूचना केंद्र में आयोजित चितेरी चिड़क्लियां कला प्रदर्शनी में रविवार को क्ले मॉडलिंग पर कार्यशाला आयोजित की गयी जिसमे संस्थान के कलाकारों सहित कई विद्यार्थियों व दर्शको ने भाग लिया और विभिन्न कलाकृतियों का सृजन किया।
संस्थान के सचिव संजय कुमार सेठी ने इस मौके पर कहा की क्ले आर्ट मानव जाति के प्रारब्ध से ही चलन में है। सिंधुघाटी और मोहनजोदड़ो हड़प्पा से लेकर वर्तमान तक कई क्ले से निर्मित कई वस्तुए मिली है जो की अन्यत्र स्थानो पर संग्रहालयों में प्रदर्शित है और आज भी क्ले आर्ट से बनी कृतियाँ घर, कला दीर्घाओं, कार्यालयों आदि की शोभा बढ़ाते है। रीना मुख़र्जी, अलका शर्मा, प्रियंका सेठी, मिनाक्षी मंगल, व नेहा कनोजिया ने क्ले मॉडलिंग का प्रशिक्षण देते हुए गणेश, बुद्ध, वनस्पति एवं वन्यजीव के साथ मॉर्डन आर्ट की भी कई कलाकृतिया बनवायी। प्रसिद्ध कलाविद अशोक हाज़रा ने कलाकारों को क्ले आर्ट और पेंटिंग्स की बारीकियां बताते हुए कार्य की सराहना की। अंकित गुप्ता, मालती और अभिमन्यु शर्मा ने सहयोग प्रदान किया।
मीडिया प्रभारी चांदनी जैन ने बताया की रविवार को प्रदर्शनी में काफी दर्शक पहुंचे और शिक्षण संस्थानों के अवकाश ख़त्म होने के बाद प्रदर्शनी को 1 दिन और बढ़ाया जा रहा है ताकि विद्यार्थी प्रदर्शनी देख कर लाभान्वित हो सके। सोमवार को 11. 30 बजे रंगोली के माध्यम से इंस्टालेशन आर्ट के जरिये स्मार्ट सिटी के ट्रैफिक मैनेजमेंट का प्रदर्शन किया जाएगा।