आत्ममंथन कार्यशाला के तहत विवेकानन्द केन्द्र की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निवेदिता दीदी का मार्गदर्शन
अजमेर 15 मार्च । योग एवं स्वाध्याय सम्यक विषय हैं। आज हम जीवन को वेग, दबाव तथा ज्ञान के विस्फोट के रूप में जी रहे हैं। आज ज्ञान के वास्तविक उपयोग का हमारे पास समय ही नहीं है तथा वैशिष्यता के कारण हम केवल मेरा मत ही सही है और सभी गलत हैं इस विचार को पुष्ट करते जा रहे हैं। वस्तुतः ऐसा जीवन ही वृत्ति युक्त जीवन होता है। इस वृत्तियुक्त जीवन से वृत्ति निरोध की ओर बढ़ना ही योग होता है। आज हमारा देश वि-संरचना यानि डी-कंस्ट्रक्शन की ओर बढ़ रहा है और इस कारण मूल तत्व की खोज करने की बजाय हम तुलनात्मक अध्ययन करते हुए अपने ही देश के विकारों का विश्व में सामान्यीकरण करते जा रहे हैं जबकि हमें अपने राष्ट्र में अच्छाई ढूंढने की वृत्ति स्थापित करनी है। यह केवल योग से ही संभव है।उक्त विचार विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माननीय निवेदिता भिड़े द्वारा आधुनिक मनुष्य के जीवन में योग एवं स्वाध्याय के महत्व पर एक आत्म-मंथन कार्यशाला का आयोजन के अवसर पर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर परिसर में स्थित राजीव गांधी सभागार में कहीं। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानन्द द्वारा वेदान्त में वर्णित योग को व्यवहारिक रूप से समझाया गया है। आज हमें सभी में एकत्व के दर्शन करने की आवश्यता है। मनुष्य की जीवात्मा तो वृत्तियुक्त हो सकती है परंतु आत्म ज्ञान होने पर ये सभी वृत्तियाँ मानव को दोषमुक्त कर देती हैं। आज हमारे जीवन में टैक्नोलोजी के अत्यधिक प्रयोग के कारण विचारों की चक्की दिन रात चलती रहती है। यह वैचारिक भ्रमजाल हमें कर्म करने को प्रेरित करता है तथा हम कर्मों के भंवर में फंस जाते हैं। हमें अपने कर्मों का चयन इस कुशलता से करना होगा वह हमें बांधने वाला न होकर मुक्त करने वाला हो। हम ईश्वर की साधना में जिस प्रकार अच्छे पुष्पों को अपर्ण करते हैं उसी प्रकार हमें अपने जीवन में अच्छे कर्मों को ही करना चाहिए। कर्मयोग का सार बताते हुए निवेदिता दीदी ने बताया कि ये कर्म ही हमें डुबा भी सकते हैं और कर्म ही हमें तार भी सकते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के अध्यक्ष प्रो0 बी0एल0 चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों को जीवन में अपनाकर भारत विश्वगुरु बन सकता है तथा देश की युवा शक्ति सार्थक जीवन जीने को प्रेरित हो सकती है।
इस कार्यशाला में उपस्थित श्रोताओं के प्रश्नों के उत्तर भी मुख्य वक्ता द्वारा दिए गए। कार्यक्रम में ही आगामी दिनांक 1 अप्रैल से 10 अप्रैल तक आजाद पार्क में प्रातः 6.00 से 7.30 बजे तक योग एवं ध्यान सत्र लगाए जाने की उद्घोषणा की गई। कार्यक्रम में नगर के गणमान्य अतिथि यथा महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय की जनसंख्या अध्ययन विभाग की विभागाध्यक्ष लक्ष्मी ठाकुर, विधि वेत्ता श्री आर एस अग्रवाल, उमेश चौरसिया, विवेकानन्द केन्द्र के प्रांत प्रमुख भगवान सिंह जी तथा प्रांत संगठक रचना जानी की भी सहभागिता रही। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रान्त सहसंचालक श्री शिवराज शर्मा द्वारा प्रदान किया गया तथा कार्यक्रम का संचालन विभाग प्रमुख डॉ. स्वतन्त्र शर्मा द्वारा किया गया।
(डॉ0 स्वतन्त्र शर्मा)
विभाग प्रमुख
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