विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की अजमेर शाखा की ओर से डेमोन्स्ट्रेशन स्कूल, अजमेर में विवेक सप्ताह के तहत हुआ आयोजन
भारत में सभी धर्म, संप्रदाय, जाति एवं भाषा के आधार पर विघटन नहीं अपितु संगठन से भी भारत का उत्थान संभव हो सकता है। स्वामी विवेकानन्द ने अमेरिका प्रवास में जिन कष्टों को भोगा उनके एक एक क्षण का कर्जदार आज प्रत्येक भारतीय है। आज 154 वर्ष व्यतीत हो जाने के उपरांत स्वामी विवेकानन्द की शिक्षाओं का आचरण करते हुए आज की युवा पीढ़ी भारत को समृद्धशाली बनाने के साथ ही विश्वगुरू बना सकती है। भारत में असीम संभावनाएं हैं तथा स्वामी विवेकानन्द का विश्वास आज की युवा पीढ़ी में ही था। उक्तविचार विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी राजस्थान के प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख डॉ. स्वतन्त्र शर्मा ने डेमोन्स्ट्रेशन स्कूल, अजमेर में विवेक सप्ताह के तहत आयोजित विवेक संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के समक्ष व्यक्त किए। स्वामी जी के बचपन की अनेक घटनाओं की चर्चा करते हुए उपस्थित विद्यार्थियों को बताया गया कि आज विद्यार्थी अपने स्वार्थ को छोड़ कर भारत के लिए पढ़े, भारत के लिए ही जीने का संकल्प ले तो कोई संशय नहीं है कि स्वामी जी का विश्वगुरू का सपना अधूरा रह जाए। इस अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र की गतिविधियों की चर्चा करते हुए नगर प्रमुख रविन्द्र जैन ने बताया कि विवेकानन्द केन्द्र 864 शाखाओं एवं सेवा प्रकल्पों के साथ देश के 66 स्थानों पर विवेकानन्द केन्द्र विद्यालय संचालित कर रहा है जिसमें मूल्यपरक शिक्षा प्राप्त करने वाले 29000 विद्यार्थी हैं।
कार्यक्रम का सचालन केशव एवं रीना सोनी ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की इंदु शर्मा ने आभार व्यक्त किया तथा इस अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र के योग प्रमुख अंकुर प्रजापति भी उपस्थित थे।
(रविन्द्र जैन)
नगर प्रमुख
9414618062