काम वाली बाइयां हड़ताल पर

अजमेर। काम वाली बाइयों ने अपने मालिकों के खिलाफ  मोर्चा खोल कर आत्मसम्मान के साथ जीने की ठान ली है। अब इन्हें मकान मालिकों से न तो बासी खाना चाहिए और न पुराने कपड़े। इन्हें पूरे महिने की पगार, जिसमें चार छुट्टियां शामिल हों, पूरे 1500 रुपये चाहिए। इससे कम पगार में अब ये बाइयां झाडू पोंछा, चोका बर्तन नहीं करेंगी। बाइयों का नेतृत्व कर रही भंवरी देवी ने साफ  शब्दों में कह दिया कि यूनियन के बेनर तले बाइयां एक जुट हो गई हैं। किसी बाई द्वारा छोड़े गए मकान में अब कम या ज्यादा पैसे में कोई दूसरी बाई भी काम नहीं कर सकेगी। रविवार को शास्त्री नगर के शास्त्री पार्क से बाईयों ने आन्दोलन का बिगुल फूंका।

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