ज.ला.ने. चिकित्सालय में 322 में से 149 पद है रिक्त

प्रो. वासुदेव देवनानी
अजमेर, 8 जुलाई। अजमेर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल काॅलेज व चिकित्सालय में चिकित्सकों के रिक्त पदों को लेकर एक तारांकित सवाल राजस्थान विधान सभा में विधायक अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी ने पूछा जिसके जवाब में राज्य सरकार ने बताया है कि जलाने चिकित्सालय के विभिन्न विभागों में चिकित्सकों के स्वीकृत 322 पदों में से 149 पद वर्तमान में रिक्त है।
देवनानी ने बताया कि उनके प्रश्न का जो जवाब सरकार द्वारा दिया गया है उससे यह स्पष्ट होता है कि न्यूरोसर्जरी, कार्डियोथोरेसिक सर्जरी, नेफ्रोलाॅजी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पदस्थापन को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने बताया कि न्यूरोसर्जरी विभाग में आचार्य, सह आचार्य व सहायक आचार्य के स्वीकृत 6 पदों में से मात्र एक आचार्य का पद भरा हुआ है । इसी प्रकार हृदय रोग विभाग में करोड़ो की राशि से कार्डियोथोरेसिक सर्जरी सेंटर की स्थापना कराई गई थी परन्तु यहां स्वीकृत सभी 7 पद रिक्त है जिससे मरीजों को बाईपास सर्जरी हेतु निजी चिकित्सालय अथवा बाहर जाना पड़ता है। नेफ्रोलाॅजी विभाग में भी स्वीकृत 1 पद रिक्त है। इनके अतिरिक्त समस्त प्रमुख विभागों जैसे कार्डियोलाॅजी, सर्जरी, चर्म, अस्थि, यूरोलाॅली, नेत्र, शिशु, स्त्री व प्रसूति, टीबी, गेस्ट्रोएन्ट्रोलाॅजी आदि विभागों में सह आचार्य व सहायक आचार्य के बड़ी संख्या में पद रिक्त है।
लम्बे समय से रिक्त पदों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों को लगाने में सरकार नहीं गंभीर
देवनानी ने बताया कि उन्होंने अपने प्रश्न के माध्यम से सरकार से पूछा था कि क्या इन प्रमुख विभागों में लम्बे समय से रिक्त चल रहे पदों पर प्रतिनियुक्ति पर चिकित्सकों को लगाने का विचार रखती है जिसके जवाब में बताया गया है कि एसा कोई प्रकरण सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही चिन्ता का विषय है कि सरकार चिकित्सालय के प्रमुख विभागों में चिकित्सक लगाने के लिए गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने उनके प्रश्न के जवाब में यह भी बताया है कि मार्च से जुलाई के मध्य तीन बार में सरकार ने प्रदेश में चिकित्सकों की नियुक्ति हेतु 269 सहायक आचार्य व वरिष्ठ प्रदर्शक के पदों पर भर्ती की अर्थनाएं आरपीएससी को भेजी है जो कि प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते है कि इस भर्ती से जलाने चिकित्सालय में सहायक आचार्य के अधिकांश रिक्त पदों पर सरकार नियुक्ति करेगी परन्तु चिकित्सालय में रिक्त चल रहे सह आचार्य व आचार्य के 48 प्रमुख पदों पर तो सरकार चाहे तो स्थानान्तरण अथवा प्रतिनियुक्ति से चिकित्सक लगाकर मरीजों को लाभान्वित कर सकती है।
देवनानी ने कहा कि इस सम्बंध में वे चिकित्सा मंत्री से मुलाकात कर जलाने चिकित्सालय में मरीजों के हित में विशेषज्ञ चिकित्सकों को लगाये जाने का आग्रह भी करेंगे।

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