निजी स्कूलों की मान्यता को बोर्ड ने बनाया लूट का साधन

अजमेर। अजमेर उत्तर विधायक प्रो. वासुदेव देवनानी ने अजमेर स्थित माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान पर निजी स्कूलों को मान्यता दिये जाने की प्रक्रिया को कमाई व लूट का साधन बनाये जाने का आरोप लगाया है। देवनानी ने आज एक बयान जारी कर कहा कि निजी स्कूलों को मान्यता के नाम पर मनमाने तरीके से शुल्क तथा पैनेल्टी के रूप में बड़ी राशि वसूलकर एवं अव्यवहारिक निमय-बंधन लागू कर बोर्ड अध्यक्ष सुभाष गर्ग निजी शिक्षण संस्थााओं के खुले शोषण पर उतर आऐ है।
देवनानी ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की अव्यवहारिक नितियों व अनावश्यक वसूलियों का पिछले दिनों से विरोध कर रहे निजी स्कूल संचालकों को आज बोर्ड पर प्रदर्शन व धरना देना पड़ा। देवनानी ने बोर्ड अध्यक्ष गर्ग पर मान्यता की प्रक्रिया को व्यापार बनाये जाने की कड़ी निन्दा करते हुए बताया कि उनके द्वारा राजस्थान विधान सभा में पूछे गये एक प्रश्न के जवाब में बोर्ड ने उन्हें यह जानकारी दी है कि निजी स्कूलों को मान्यता देने हेतु बोर्ड द्वारा वर्ष 2009-10 में 437.19 लाख, वर्ष 2010-11 में 483.14 लाख तथा वर्ष 2011-12 में 929.95 लाख रू. वसूल किये गये है। बोर्ड द्वारा मान्यता हेतु वसूली गई बड़ी राशि के आंकड़े इस बात की ओर स्पष्ट संकेत करते है कि बोर्ड ने निजी स्कूलों की मान्यता को कमाई का साधन मानते हुए वर्ष 2011-12 में लगभग दुगनी राशि वसूल की है जबकि आज प्रदेश में शिक्षा के विस्तार व सुदृढ़ीकरण में निजी शिक्षण संस्थाओं का भी महत्वपूर्ण योगदान है। देवनानी ने बोर्ड अध्यक्ष गर्ग के कार्यकाल में आयोजित बोर्ड परीक्षाओं व संग्रहण केन्द्रो पर हुई धांधलियां, प्रश्न पत्र आउट होने की घटनाऐं, मुद्रण-वितरण व फर्नीचर खरीद प्रक्रियाओं में हुई अनियमितताओं की घटनाओं तथा अजमेर से बोर्ड कार्यालय के विखण्डन के रूप में जयपुर में नये भवन का निर्माण कराये जाने से उन पर बोर्ड की विश्वसनीयता को धूमिल करने व बोर्ड की कार्यप्रणाली का बंटाधार किये जाने का आरोप भी लगाया है।

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