अजमेर शहर व्यापार महासंघ ने उठाया शहर की समस्याओं से निजात दिलाने का बीड़ा

दिनांक 01/08/2020 अजमेर शहर व्यापार महासंघ के प्रवक्ता सीए विकास अग्रवाल व कमल गंगवाल ने बताया कि शहर की विभिन्न समस्याओं को एक सूत्र में बांध कर जिला कलेक्टर के समक्ष रखा जाएगा। महासंघ की कोर कमेटी के सदस्य किशन गुप्ता व अशोक बिंदल ने बताया कि निम्न समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रशासन से मांग की जाएगी कि वे संबंधित अधिकारियों की एक कार्यशाला आयोजित कर जिसमें अजमेर शहर व्यापार महासंघ के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे । कार्यशाला के अंतर्गत समस्याओं पर आमने सामने विचार विमर्श कर मौके पर ही काफी समस्याओं का निस्तारण किया जा सकेगा। महासंघ के प्रवक्ता सीए विकास अग्रवाल ने बताया जिला कलेक्टर को बिंदुवार तरीके से 8- सूत्रीय ज्ञापन-पत्र सौंपा जाएगा जो निम्न प्रकार से है:
1.अजमेर मास्टर प्लान 2013-2033 शहर के भीतर यातायात और परिवहन के क्रमिक आंदोलन को तर्कसंगत बनाने के लिए रूपरेखा प्रदान करता है और विभिन्न सेवाओं के नेटवर्क को बिछाने के लिए क्षेत्र को परिभाषित करता है। योजना का उपयोग शहरी केंद्र के समेकित विकास को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है, भूमि उपयोग के पैटर्न और उनके अंतर-संबंधों को युक्तिसंगत बनाकर यह शहरी केंद्रों की मौजूदा समस्याओं पर काबू पाने के लिए रणनीतियों और समाधानों को भी परिभाषित करता है और इसकी अवसंरचना और सेवा संबंधी अपर्याप्तताओं को दूर करता है। इसके अलावा, यह भविष्य में आबादी के अतिरिक्त समायोजन के लिए विकल्प प्रदान करता है जो प्राकृतिक विकास और प्रवास के कारण शहरी केंद्र में आने की संभावना है। मास्टर प्लान बुनियादी ढांचे की लागत को निर्धारित करने के लिए एक उपकरण के रूप में कार्य करता है जिसे शहर को टिकाऊ बनाने के लिए आवश्यक होगा।
अजमेर मास्टर प्लान 2013-2033 के विकास लक्ष्य:
i.सामाजिक रूप से लाभकारी
ii.नियम से जुड़ा हुआ
iii. पर्यावरणीय दृष्टि से टिकाऊ
iv.आर्थिक रूप से व्यवहार्य
v. संस्थागत रूप से निष्पादन योग्य और;
vi.राजनीतिक रूप से स्वीकार्य
उपरोक्त मास्टर प्लान को अजमेर शहर के समग्र विकास हेतु जल्द से जल्द लागू करवाया जाए।

2.अजमेर विकास प्राधिकरण की दो बड़ी आवासीय योजनाएं पृथ्वीराज नगर योजना और डीडीपुरम् योजना हजारों लोगों के लिए धोखा साबित हुई है।प्राधिकरण ने लोगों से लगभग 150 करोड़ रूपए वसूल तो कर लिए, लेकिन लॉटरी खुलने के बाद भी अपना घर बनाने का सपना देख रहे इन लोगों को ना तो पट्टा जारी किया गया और ना ही प्लॉट का कब्जा सौंपा गया है।
प्राधिकरण ने भी दिखावे के तौर पर आवेदकों को कागजों में भूखंड के नंबर आवंटित कर दिए लेकिन जब लोगों ने कब्जा लेने के लिए पट्टा मांगा तो असलियत सामने आ गई। दरअसल न्यास ने पृथ्वीराज नगर आवासीय योजना के लिए जिन खातेदारों की जमीन अवाप्त की है उन खातेदारों के साथ मुआवजा राशि और भूखंड के बड़े हिस्से को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस बीच प्राधिकरण ने योजना के तहत लोगों को फाइल में ही भूखंड आवंटित कर उनके पैसे भी जमा कर लिए, लेकिन जब वास्तविक कब्जा देने की बारी आई तो स्वयं प्राधिकरण के पास ही उसका मालिकाना हक नहीं था।

डीडीपुरम् के भी हाल खराब:

ब्यावर रोड स्थित डीडीपुरम् आवासीय योजना के हाल भी इससे जुदा नहीं हैं। यहां भी लॉटरी के बाद लगभग तीन हजार आवेदकों ने भूखंड के पूरे पैसे जमा करा दिए, लेकिन प्राधिकरण और खातेदारों के बीच मुआवजा राशि और मालिकाना हक के विवाद के कारण कई साल बीत जाने के बावजूद आवेदकों को पट्टा नहीं मिला। तत्कालीन न्यास प्रशासक ने डीडीपुरम् योजना की आरक्षित दर भी ढाई से तीन हजार रूपए प्रति वर्ग मीटर रखी थी। लगभग बाजार मूल्य के बराबर आरक्षित दर चुकाने के बावजूद आवेदकों को भूखंड का पट्टा नहीं मिला है।
इसके अतिरिक्त जिन पट्टेधारकों को वास्तविक कब्जा प्राप्त हो गया है वह वहां पानी की पाइप लाइन नही होने से मकान नहीं बना पा रहे हैं। बिना पानी के वहां का समग्र इलाका अविकसित पड़ा हुआ है। दूर दूर तक कोई मकान या कोई निर्माण कार्य भी देखने को नहीं मिलता है।
अतः आपसे निवेदन है कि इस लटकी हुई योजना को प्राधिकरण के अधिकारियों से चर्चा करके पूर्ण करवाया जाए।

3. अजमेर शहर व्यापार महासंघ द्वारा पूर्व में दिए गए ज्ञापन में उल्लेख किया था कि अजमेर के व्यस्ततम बाज़ारों में नगर निगम द्वारा पेड पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए किंतु इस पर भी फिलहाल निगम व प्रशासन द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

4. नगर निगम अजमेर द्वारा अजमेर शहर के मुख्य बाज़ारों में पुरुष व महिला शौचालय निर्मित किये जायें जिससे आमजन को सुविधा उपलब्ध हो सके।

5. अजमेर में सम्पूर्ण स्थानों पर हाई डेफिनिशन सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएं एवं उसका एक कंट्रोल रूम बनाया जाए जहां अजमेर शहर में हों रही प्रत्येक गतिविधि का ब्यौरा कैद हो जाये। इससे आपराधिक वारदात अंजाम देने वाले अपराधियों का भी तुरंत पता चल सकेगा और वे शीघ्रता से कानून की गिरफ्त में आएंगे।

6. अजमेर शहर में पर्याप्त मात्रा में पानी, बिजली व अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जाए जिससे कोरोना महामारी से त्रस्त जनता को कुछ आराम मिले।

7.शहर में निर्दिष्ट वेंडिंग और नॉन वेंडिंग जोन की कड़ाई से पालना की जानी चाहिए जिससे ट्रैफिक व्यवस्था पर नियन्त्रण रखा जा सके। ठेले वालों को नॉन वेंडिंग जोन में ठेले लाने पर सख्ती से मना किया जाए और नहीं मानने पर उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाए।

8. अजमेर शहर के मुख्य बाज़ारों में स्थित बिजली के ट्रांसफॉर्मरों को अन्यत्र शिफ्ट करने व लटके हुए बेतरतीब तार जो गंभीर हादसा घटित होने का न्योता दे रहे हैं को अविलंब दुरुस्त करवाने की मांग भी की है। इस संबंध में टाटा पावर विद्युत अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जावें।
प्रवक्ता गंगवाल व अग्रवाल ने बताया कि उपरोक्त 8-सूत्रीय ज्ञापन-पत्र महासंघ की कोर कमेटी के प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिला कलेक्टर महोदय को सौंपा जाएगा।
प्रवक्ता
सीए विकास अग्रवाल
अजमेर शहर व्यापार महासंघ
9829535678(मो.)

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